धर्माबांध में अवैध कोयला खनन का खुलासा, हादसों से भी नहीं सीख रहा सिस्टम!

धर्माबांध में अवैध कोयला खनन का खुलासा, हादसों से भी नहीं सीख रहा सिस्टम!

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टांडाबाड़ी और रामकनाली जैसी घटनाओं के बावजूद जारी अवैध खनन, BCCL और प्रशासन पर सवाल

धनबाद के धर्माबांध ओपी क्षेत्र से एक बार फिर अवैध कोयला खनन का बड़ा मामला सामने आया है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इलाके में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
मौके से सामने आई तस्वीरें इस पूरे खेल की सच्चाई बयां कर रही हैं। जमीन को गहराई तक काटकर कोयला निकाला जा रहा है और वहां बड़े पैमाने पर कोयले का भंडारण किया गया है। पूरा इलाका किसी वैध खनन साइट जैसा नजर आता है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कारोबार को बाहरी सिंडिकेट चला रहा है। मशीनों के जरिए गांव की जमीनों को खोदकर कोयला निकाला जा रहा है और रोजाना 5 से 6 ट्रकों के जरिए इसे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल तक भेजा जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरा खेल दिन-रात पुलिस की नजरों के सामने चल रहा है। धर्माबांध ओपी और मधुबन थाना क्षेत्र से होकर कोयले से भरे वाहन गुजरते हैं, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
यह अवैध खनन ‘हिलटॉप’ इलाके में हो रहा है—वही जगह जहां पहले भी गुटीय संघर्ष और हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। अब यहां पीसी मशीनों से जमीन को चीरकर कोयला निकाला जा रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि BCCL, CISF और वन विभाग जैसे जिम्मेदार संस्थान भी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
टांडाबाड़ी और रामकनाली जैसे दर्दनाक हादसों के बावजूद अगर सिस्टम नहीं जागता, तो आने वाले दिनों में फिर किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इस अवैध खनन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बाघमारा से सुलतान खान की रिपोर्ट

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