धनबाद में नकली ISI मार्क वाला पानी बेचने का खुलासा, BIS के छापे में 12 हजार फर्जी लेबल जब्त

धनबाद में नकली ISI मार्क वाला पानी बेचने का खुलासा, BIS के छापे में 12 हजार फर्जी लेबल जब्त

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धनबाद: सरायढेला थाना क्षेत्र के नाग नगर बगुला बस्ती में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पैकेज्ड पेयजल के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 1,296 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और 12,000 नकली ISI लेबल बरामद किए गए।
BIS को सूचना मिली थी कि एमएस कुमार वाटर सॉल्यूशन नामक फर्म बिना वैध लाइसेंस के ‘एक्वा प्लस’ ब्रांड के नाम से पैकेज्ड पेयजल का उत्पादन कर रही है और बोतलों पर अवैध रूप से ISI मार्क लगाकर बाजार में सप्लाई कर रही है। सूचना के आधार पर जमशेदपुर शाखा की विशेष टीम ने प्लांट पर छापेमारी की।
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार पानी की बोतलें और नकली ISI लेबल बरामद किए गए। अधिकारियों ने पाया कि फर्म के पास BIS का कोई वैध लाइसेंस नहीं था, फिर भी उत्पादों पर ISI मार्क का इस्तेमाल कर उन्हें मानक प्रमाणित बताकर बेचा जा रहा था।
BIS के संयुक्त निदेशक दिलीप चट्टर ने बताया कि पैकेज्ड पेयजल IS 14543:2024 मानक के अंतर्गत आता है। बिना लाइसेंस ISI मार्क का उपयोग करना BIS अधिनियम 2016 की धारा 17 का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में नकली और बिना मानक वाले उत्पादों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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