जयंत सिंह हत्याकांड में बड़ा खुलासा: न आंख निकाली गई, न अंडकोष काटा गया, न कान — एसपी ने अफवाहों को किया खारिज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लाठियों से पीट-पीटकर की गई हत्या, दोस्त ही निकला गद्दार; 6 आरोपी हिरासत में, 4 लाठियां और कार बरामद

बोकारो: जयंत सिंह हत्याकांड को लेकर फैली अफवाहों पर बोकारो के एसपी हरविंदर सिंह ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पूरी तरह विराम लगा दिया। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जयंत की हत्या में न तो आंख निकाली गई है, न अंडकोष काटा गया है और न ही कान काटे गए हैं। हत्या में किसी भी प्रकार के धारदार हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि जयंत का शव पांच दिन तक खाई में पड़ा रहने के कारण जंगली जानवरों द्वारा आंख और कान को क्षति पहुंची है। हत्या के लिए चार लाठियों का प्रयोग किया गया, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराया जा रहा है।

एसपी के अनुसार, सिटी सेंटर स्थित इंपायर टेलर्स के एक वाहन सौदे को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो विनोद खोपड़ी तक पहुंचा। 8 दिसंबर को फोन पर धमकी के बाद मामला बढ़ा और 10 दिसंबर को जयंत का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई।
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इस हत्याकांड में जयंत का करीबी दोस्त वरुण पासवान ही विनोद गैंग का खबरी निकला। शराब पिलाकर जयंत को गैंग के हवाले किया गया, जहां लाठियों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। शव को गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के जलेबिया मोड़ के पास खाई में फेंक दिया गया।
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पुलिस ने विनोद खोपड़ी समेत कुल 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है। विनोद पर पहले से 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन और लाठियां जब्त की गई हैं।
अपहृत जयंत सिंह की लाश बरामद, आरोपी विनोद खोपड़ी पुलिस हिरासत में – एसपी
एसपी ने यह भी बताया कि बीएसएल की जमीन पर बने विनोद के अवैध फार्महाउस को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।