हजारीबाग में नए साल का जश्न बना मातम, डीजे विवाद में युवक की हत्या
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हजारीबाग: नए साल की खुशियाँ हजारीबाग में मातम में बदल गईं। जश्न, नशा और तेज़ डीजे की धुन के बीच शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते-देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। सड़कों पर जहां उमंग होनी चाहिए थी, वहां तलवारों की चमक और चीख-पुकार गूंजती रही।
घटना हजारीबाग के मंडई क्षेत्र से शुरू होकर नूरा और फिर इंद्रपुरी चौक तक जा पहुँची। नए साल के जश्न के दौरान पिकनिक से लौट रहे युवकों के बीच डीजे में गाना बजाने को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में बदल गई।
नशे की हालत में हुई मारपीट में छोटू राणा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका सिर फट गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। इलाज के बाद जब सूरज राणा और छोटू राणा घर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी बलेनो कार पर हमला कर दिया।
जैसे ही सूरज राणा गाड़ी से बाहर निकले, हमलावरों ने पीछे से तलवार से हमला कर दिया। खून से लथपथ सूरज को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, छोटू राणा को दोबारा बेरहमी से पीटा गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया है।
मृतक के भाई धीरज राणा ने मंडई निवासी राहुल गोप, सोनू गुप्ता समेत अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है।
सिर्फ डीजे को लेकर हुए विवाद ने नए साल की पहली रात को खून से रंग दिया। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि जश्न के नाम पर बढ़ता नशा और हिंसा आखिर कब थमेगी, और क्या ऐसी घटनाएँ समाज के लिए कोई सबक बनेंगी?