तोपचांची सरकारी गोदाम में सैकड़ों क्विंटल चावल सड़कर बर्बाद, गरीबों का अधिकार छिना

तोपचांची सरकारी गोदाम में सैकड़ों क्विंटल चावल सड़कर बर्बाद, गरीबों का अधिकार छिना

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धनबाद/तोपचांची।
तोपचांची प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी गोदाम में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां सैकड़ों क्विंटल चावल बोरे फट जाने और सड़ांध फैल जाने के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गए। यह चावल गरीब और वंचित परिवारों के लिए आरक्षित था, लेकिन अब यह जानवरों के लायक भी नहीं बचा है।

स्थानीय लोगों ने जब गोदाम में बिखरे और सड़े हुए चावल की बदहाली देखी तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई। शिकायत के बाद जांच टीम मौके पर पहुंची और स्थिति देखकर सहायक गोदाम प्रबंधक राजेश कुमार को फटकार लगाई। गौर करने वाली बात यह है कि राजेश कुमार वर्ष 2012 से इसी पद पर तैनात हैं, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार हर 2–3 साल में तबादला होना अनिवार्य है। लंबे समय से पदस्थापन को लेकर प्रशासनिक मिलीभगत और भ्रष्टाचार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

जांच के दौरान अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में केवल रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही। इससे यह साफ झलकता है कि जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई करने को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा।

जनता में आक्रोश

गरीबों के हिस्से का अनाज इस तरह सड़कर बर्बाद होने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गरीब परिवार के बच्चे भूख से जूझते हैं, तब इस प्रकार की लापरवाही उनके अधिकारों का हनन है।

सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार और लापरवाही पर रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।

यह घटना न केवल धनबाद जिला प्रशासन बल्कि पूरे राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पर सवाल खड़े करती है। जब गरीबों का राशन गोदाम में सड़ जाए, तो यह सीधे-सीधे उनकी थाली से निवाला छीनने जैसा है।

 

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