कतरास लिलोरी फाटक: यह सिर्फ एक फाटक नहीं, रोजाना मौत का ट्रैफिक है! फिर हादसे का शिकार हुई बॉलेरो वाहन

कतरास लिलोरी फाटक: यह सिर्फ एक फाटक नहीं, रोजाना मौत का ट्रैफिक है! फिर हादसे का शिकार हुई बॉलेरो वाहन

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कतरास/धनबाद:
धनबाद जिले में एक रेलवे फाटक ऐसा है, जिसका नाम सुनते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं — लिलोरी स्थान फाटक। यह सिर्फ लोहे की दो पट्टियों वाला फाटक नहीं है, बल्कि हर दिन ज़िंदगी और मौत के बीच फंसी आम जनता की लाचारी की तस्वीर है।

सोमवार को फिर एक हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार बॉलेरो वाहन इस फाटक के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि इस बार जान नहीं गई, लेकिन सवाल फिर वहीं का वहीं है — आखिर कब सुधरेगी व्यवस्था?

NH-32 यहां आकर दम तोड़ देती है

राष्ट्रीय राजमार्ग-32 यानी राजगंज से महुदा जाने वाला फोरलेन रोड, जो पूरे 32 किलोमीटर तक एक हाईवे की तरह दौड़ता है, जैसे ही लिलोरी फाटक आता है — उसकी रफ्तार घुटनों पर आ जाती है।

यहां कोई अंडरपास नहीं है, न ओवरब्रिज, न कोई सिग्नल। सड़क अचानक दो लेन में सिमट जाती है, जहां चारों ओर बस अफरा-तफरी और जाम ही जाम नजर आता है।

हर दिन खतरे से गुजरते हैं हजारों लोग

यह फाटक हर दिन हजारों गाड़ियों को रोकता है — जिनमें स्कूल बसें, एम्बुलेंस, ट्रक और बाइक शामिल हैं। खतरा इतना बड़ा है कि हर गुजरती गाड़ी की किस्मत सिर्फ चंद सेकेंड में तय हो सकती है।

यह कोई नई समस्या नहीं है। बीते कई वर्षों से यहां हादसे हो रहे हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है। मगर अफसरों और नेताओं की आंखों पर जैसे पर्दा पड़ा हुआ है।

‘मोतियाबिंद वाले अफसर’ और बेबस योजनाएं

स्थानीय लोग कहते हैं कि कई बार अंडरपास या ओवरब्रिज के प्रस्ताव बने। मगर फाइलें सिर्फ इधर-से-उधर घूमती रहीं। कोई काम जमीन पर नहीं हुआ।

प्रशासनिक अधिकारियों को मानो कुछ दिखता ही नहीं। योजनाएं आती हैं, जांच के नाम पर कागज़ पलटे जाते हैं, फिर सब ठंडे बस्ते में।

लोग तंज कसते हैं — “शायद अफसर UPSC, JPSC तो पास कर गए, मगर ज़िम्मेदारी की परीक्षा में बुरी तरह फेल हो चुके हैं।”

क्या आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं?

हर हादसे के बाद सिर्फ एक ही सवाल उठता है — क्या प्रशासन तभी जागेगा जब किसी नेता, मंत्री या अफसर का काफिला इस फाटक पर फंस जाए या कोई बड़ा नाम हादसे का शिकार हो?

आम जनता की जान अब गिनती में क्यों नहीं आती?

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द यहां पर अंडरपास या ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए। साथ ही चेतावनी बोर्ड, स्पीड कंट्रोल और सिग्नलिंग सिस्टम भी लगाए जाएं ताकि और हादसे रोके जा सकें।

वरना, यह फाटक यूं ही मौत की लाइन बना रहेगा — और लापरवाही की कीमत आम आदमी अपनी जान देकर चुकाता रहेगा।

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