दस लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो ने किया आत्मसमर्पण

दस लाख के इनामी नक्सली रामदयाल महतो ने किया आत्मसमर्पण

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गिरिडीह में 43 और धनबाद में 11 समेत 54 कांडों में वांटेड था 70 वर्षीय नक्सली

गिरिडीह : गिरिडीह जिले के शीर्ष नक्सली रामदयाल महतो उर्फ बच्चन दा, उर्फ निलेश दा, उर्फ अमर दा, जो झारखंड सरकार द्वारा 10 लाख रुपये के इनामी घोषित थे, ने आत्मसमर्पण कर दिया है। रामदयाल महतो, जिनकी उम्र करीब 70 वर्ष है, ने गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया है।

रामदयाल महतो के आत्मसमर्पण का झारखंड सरकार की “नई दिशा-एक नई पहल” पुनर्वास नीति से प्रभावित होना बताया गया है। इस नीति के तहत रामदयाल महतो पुनर्वास के लाभ प्राप्त कर अपने परिवारिक जीवन को नई दिशा देना चाहते हैं। रामदयाल महतो का अपराधिक इतिहास काफी लंबा और जटिल है। वे झारखंड और बिहार में कई अपराधों में शामिल रहे हैं, जिनमें तोपचांची थाना पर हमला और एसएलआर सहित 7-8 हथियारों की लूट शामिल है। रामदयाल महतो कुल 54 कांडों में वांछित थे, जिनमें गिरिडीह जिला के 43 और धनबाद जिला के 11 कांड शामिल हैं। उन्होंने एमसीसी (माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर) और भाकपा (माओवादी) के उच्चस्तरीय नेताओं के साथ काम किया है। हाल के दिनों में पार्टी के सिद्धांतों से भटकाव और आम लोगों से जबरन वसूली के कारण वे पार्टी से नाराज चल रहे थे। इस आत्मसमर्पण के साथ ही गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों का एक महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। रामदयाल महतो के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

पुलिस अधीक्षक गिरिडीह ने इस आत्मसमर्पण को क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। रामदयाल महतो के आत्मसमर्पण से सरकार की पुनर्वास नीति की सफलता को भी बल मिलेगा।

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