राम मंदिर दान गबन मामला: आरोपी कर्मी के घर से 10 लाख रुपये बरामद, SIT करेगी जांच
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अयोध्या। राम मंदिर दानपात्र में कथित गबन के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मामले की जांच के दौरान आरोपी मंदिर कर्मी लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट की मांग पर गठित SIT को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच टीम में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
आरोपी के घर हुई छापेमारी
जांच एजेंसियों ने रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव स्थित आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 10 से 12 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नकदी का एक हिस्सा छिपाकर रखा गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पिता ने दी सफाई
लवकुश के पिता बच्चूलाल मिश्रा ने दावा किया कि उन्हें बरामद धनराशि के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि परिवार की संपत्ति और निर्माणाधीन मकान उनकी स्वयं की मेहनत और गिरवी रखी गई कृषि भूमि से जुटाए गए पैसों से बनाया जा रहा है।
नौकरी के बाद बदली आर्थिक स्थिति
ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मिस्त्री का काम करता था और करीब एक वर्ष पहले उसे राम मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। गांव के लोगों का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव देखने को मिला।
15 दिनों में आएगी अंतिम रिपोर्ट
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे के भीतर SIT का गठन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल SIT जांच शुरू कर चुकी है और पूरे मामले की गहन पड़ताल जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गबन की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।