हीरक ब्रांच 8-लेन सड़क पर बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, धनबाद पब्लिक स्कूल के सामने क्रॉसिंग बंद करने के फैसले पर उठे प्रश्न

हीरक ब्रांच 8-लेन सड़क पर बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, धनबाद पब्लिक स्कूल के सामने क्रॉसिंग बंद करने के फैसले पर उठे प्रश्न

धनबाद: धनबाद के हीरक ब्रांच स्थित 8-लेन सड़क पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं ह्यूमैनिटी हेल्पिंग हैंड्स के संस्थापक अध्यक्ष गौतम कुमार मंडल ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
गौतम मंडल ने बताया कि धनबाद पब्लिक स्कूल (हीरक ब्रांच) के समीप प्रतिदिन 100 से अधिक स्कूल बसें और वैन मुख्य सड़क पर खड़ी रहती हैं। इसके कारण 8-लेन सड़क पर जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्कूल की छुट्टी के समय हजारों बच्चे तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने को मजबूर होते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ गई है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि धनबाद पब्लिक स्कूल (हीरक ब्रांच) के सामने मौजूद क्रॉसिंग पॉइंट आखिर किसके आदेश पर बंद किया गया और किसके कहने पर यह निर्णय लिया गया? यदि क्रॉसिंग बंद करना आवश्यक था तो उससे पहले बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

मंडल का कहना है कि जिस स्थान पर हजारों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन सड़क पार करते हैं, वहां न तो फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाया गया और न ही सुरक्षित आवागमन के लिए कोई अन्य व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। ऐसे में क्रॉसिंग बंद करने का फैसला बच्चों को सीधे जोखिम की ओर धकेलने जैसा प्रतीत होता है।

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि—
क्रॉसिंग पॉइंट किसके आदेश पर बंद किया गया?
इसे बंद करने से पहले सुरक्षा संबंधी क्या आकलन किया गया?
बच्चों और अभिभावकों के लिए वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की दिशा में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
गौतम मंडल ने सांसद, विधायक, मेयर, उपायुक्त (डीसी) और नगर आयुक्त से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से यह मुद्दा विभिन्न मंचों पर उठाया जा रहा है और विधानसभा में भी इसकी चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। मंडल ने कहा कि यह केवल यातायात व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों स्कूली बच्चों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा प्रश्न है, जिसका जवाब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को देना ही होगा।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

About Author

error: Content is protected !!