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आसनडाबर कलालीमोड़ (दक्षिणी टुंडी): क्षेत्र में जारी कड़ाके की ठंड ने आसनडाबर कलालीमोड़ के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान लगातार गिरने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक ठंड से बचाव के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। न तो अलाव जलाने की व्यवस्था है और न ही लकड़ी उपलब्ध कराई गई है।
गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे ठंड से सबसे अधिक प्रभावित हैं। रात के समय ठंडी हवाओं के बीच ग्रामीण अपने स्तर से लकड़ी जुटाकर अलाव जलाने को मजबूर हैं। कई परिवारों के पास अलाव जलाने की व्यवस्था तक नहीं है, जिससे ठंड का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
दिहाड़ी मजदूर और किसान ठंड के कारण काम पर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। गांव में सर्दी-खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य जांच या किसी तरह की प्रशासनिक पहल नजर नहीं आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ठंड के इस मौसम में जिला प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोग ठंड से राहत पा सकें। ग्रामीणों ने शीघ्र राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।