धनबाद रंगदारी कांड: फहीम खान के बेटे इक़बाल खान ने कोर्ट में आत्मसमर्पण, जमानत मिली
धनबाद के पुराने रंगदारी और जान से मारने की धमकी के मामले में फहीम खान के बेटे इक़बाल खान ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और सुनवाई के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
धनबाद: शहर के चर्चित रंगदारी कांड में शनिवार को नया मोड़ आया जब आरोपी इक़बाल खान ने धनबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। अदालत में दोनों पक्षों की तर्क-वितर्क के बाद न्यायालय ने इक़बाल खान को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शाहबाज़ सलाम ने अदालत के समक्ष मजबूती से दलीलें पेश कीं। वकील ने मामले के तथ्यों, गवाहियों और सबूतों पर प्रश्न उठाते हुए अपने मुवक्किल के पक्ष में राहत की मांग की। राज्य पक्ष और अभियोजन ने भी अपनी बहस रखी, जिसके बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर दी।
यह मामला वर्ष 2015 में हुई उस हमले से जुड़ा है जब नावलडीह स्थित ‘99 बिल्डर्स’ के पास बाइक सवारों द्वारा अचानक फायरिंग और बमबाजी की गई थी। उस घटना के समय मौके पर काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई थी। उस जांच में इक़बाल खान और अन्य पर रंगदारी मांगने व दहशत फैलाने का आरोप लगाया गया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आत्मसमर्पण के बाद इक़बाल खान से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अदालत ने जमानत के शर्तों में कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। आगे की कानूनी कार्यवाही, शामिल गवाहियों का फिर से रेकॉर्ड और पुलिस की जांच की प्रगति से केस की दिशा तय होगी।
अदालत ने जमानत देने के बावजूद पुलिस एवं अभियोजन को अगली सुनवाई के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। अगली तारीख पर अदालत मामले के बाकी सबूत और गवाहों की बहस सुनेगी। पुलिस के पास मामले से जुड़ी और जांच रिपोर्टें प्रस्तुत करने का समय होगा।
स्थानीय समुदाय और मामले से जुड़ी दूसरी पक्षों ने आत्मसमर्पण व जमानत पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ ने जमानत को न्याय प्रक्रिया का हिस्सा बताया, तो कुछ लोग मामले के पुनरावलोकन की मांग कर रहे हैं।
किसी भी आरोपी को जमानत मिलना यह संकेत नहीं है कि आरोप गलत हैं — यह केवल एक अस्थायी कानूनी राहत है जब तक कोर्ट अंतिम निर्णय नहीं देती। अभियोजन को बाकी सबूतों के आधार पर अपना केस मजबूत करना होगा।