सीटू का तीन दिवसीय राज्य अधिवेशन समाप्त, नए श्रम कानून के खिलाफ संघर्ष तेज करने की तैयारी

सीटू का तीन दिवसीय राज्य अधिवेशन समाप्त, नए श्रम कानून के खिलाफ संघर्ष तेज करने की तैयारी

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धनबाद के कोयला नगर स्थित कम्युनिटी हॉल में 21 नवंबर से शुरू हुआ भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) का 8वां तीन दिवसीय झारखंड राज्य सम्मेलन रविवार को समाप्त हो गया। समापन सत्र में मुख्य रूप से निरसा विधायक एवं मासस नेता अरूप चटर्जी सहित सीटू के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।

अधिवेशन के दौरान संगठन को मजबूत करने, श्रमिकों की एकजुटता बढ़ाने और केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई।

निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि नए श्रम कानून श्रमिकों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। इन कानूनों के माध्यम से मजदूरों को काम से हटाए जाने की स्थिति में लड़ने का अधिकार तक सीमित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, आरएलसी समेत कई श्रम अधिकारियों की शक्तियों को समाप्त करने की भी कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सीटू और अन्य श्रमिक संगठन पिछले 5–6 वर्षों से इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन बिहार चुनाव के बाद केंद्र सरकार ने इन्हें लागू कर दिया। ऐसे में अब संघर्ष तेज करने की तैयारी है। पूरे देश में मजदूर आंदोलन होने की संभावना जताई जा रही है।

चटर्जी ने बताया कि संगठन की प्राथमिकता अब विभिन्न यूनियनों और कोयला श्रमिकों को एक मंच पर लाकर बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करना है। साथ ही श्रमिकों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया जाएगा।

 

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