कर्नाटक : बेंगलुरु में डिजिटल गिरफ्तारी में फंसे शख्स से 32 करोड़ की ठगी, साइबर अपराध का नया तरीका उजागर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर एक शख्स को महीनों तक डराया गया और उससे पूरे 32 करोड़ रुपये ठग लिए गए। फर्जी CBI, RBI और साइबर क्राइम अधिकारी बनकर अपराधियों ने पीड़ित को स्काइप पर नजरबंद रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने इसे साइबर अपराध का नया और बेहद खतरनाक तरीका बताया है।
बेंगलुरु में एक व्यक्ति से डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर 32 करोड़ रुपये की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यह ठगी 15 सितंबर 2024 से शुरू हुई और करीब तीन महीनों तक जारी रही।
पीड़ित को पहले DHL कर्मचारी बनकर फोन किया गया, जिसमें दावा किया गया कि उसके नाम से बुक किए गए पार्सल में 3 क्रेडिट कार्ड, 4 पासपोर्ट और ड्रग्स (MDMA) मिले हैं।
जैसे ही पीड़ित ने इनकार किया, कॉल को तत्काल कथित CBI अधिकारी को ट्रांसफर कर दिया गया। फोन पर धमकाकर कहा गया कि—
“आप साइबर क्राइम में फंस चुके हैं… अपराधी आपके घर की निगरानी कर रहे हैं… किसी को मत बताना, परिवार भी खतरे में है।”
पीड़ित डर गया क्योंकि उसके बेटे की शादी तय थी। ठगों ने उसे स्काइप ऐप डाउनलोड करवाया और कैमरा ऑन रखने को कहा। महीनों तक उसे घर में नजरबंद रखा गया।
कथित CBI अधिकारी “मोहित हांडा”, “प्रदीप सिंह” और “राहुल यादव” नाम से सामने आते रहे, जो हर समय पीड़ित की गतिविधि पर नजर रखते थे।
पीड़ित की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और यहां तक कि परिवार की जानकारी से डराकर उससे उसकी सारी संपत्ति और बैंक डिटेल्स ले ली गईं।
“RBI जांच” के नाम पर उससे 90% धन जमा करने, 2 करोड़ की जमानत, फिर 2.4 करोड़ टैक्स के रूप में रकम ली गई।
कुल मिलाकर 32 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
पीड़ित तनाव में बीमार पड़ गया और महीनों बिस्तर पर रहा। कई नकली दस्तावेज दिखाकर ठग कहते रहे कि 25 फरवरी 2025 तक पैसे वापस कर दिए जाएंगे। लेकिन बाद में फिर टैक्स की मांग शुरू हो गई।
आखिरकार पीड़ित को शक हुआ और उसने पुलिस में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि यह डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का नया मॉड्यूल है, जिसमें विदेशी नंबर, स्काइप और फर्जी सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल होता है।
पुलिस की अपील—
किसी भी अज्ञात कॉल पर विश्वास न करें
CBI/POLICE कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती
डरने के बजाय तुरंत परिवार और पुलिस को बताएं