बरवाअड्डा का बड़ापिछरी गांव बना अवैध कोयला कारोबार का गढ़

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प्रशासन मौन, माफियाओं के हौसले बुलंद — ग्रामीणों में दहशत

धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ापिछरी गांव इन दिनों अवैध कोयला कारोबार का नया अड्डा बन गया है। लगातार मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में कोयला माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं, मानो उन्हें किसी बड़े स्तर पर संरक्षण प्राप्त हो।

 

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के चौक के समीप रात के लगभग 9 बजे से सुबह 8 बजे तक अवैध कोयला लाया जाता है और डिपो में डंप किया जाता है। यह कोयला छोटी गाड़ियों से लाया जाता है, जिनमें ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। गांव में खेल रहे बच्चे और स्कूल जाने वाले छात्र रोज़ाना इन वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बचते हैं।

 

ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत स्थानीय मुखिया यशोदा देवी से की। मुखिया ने तत्परता दिखाते हुए धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन को आवेदन देकर मामले की विस्तृत जानकारी दी है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मुखिया ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि इस अवैध कारोबार में स्थानीय थाना स्तर पर मिलीभगत होने की भी आशंका है।

अवैध कोयला कारोबार को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल है। उनका कहना है कि पहले बड़ी गाड़ियों से कोयले की ढुलाई की जाती थी, लेकिन अब मोटरसाइकिल के माध्यम से कोयला चोरी-छिपे डंप किया जा रहा है, जिससे माफियाओं की पहचान करना और मुश्किल हो गया है।

धनबाद जिले में अवैध खनन और कोयले की तस्करी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। प्रशासनिक निष्क्रियता ने इन माफियाओं के हौसले को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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