मां अंबे माइनिंग हादसे की अदालती जांच पर श्रम मंत्रालय लेगा निर्णय, DGMS ने भेजी प्राइमरी रिपोर्ट

मां अंबे माइनिंग हादसे की अदालती जांच पर श्रम मंत्रालय लेगा निर्णय, DGMS ने भेजी प्राइमरी रिपोर्ट

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धनबाद : बीसीसीएल के कतरास एरिया स्थित एकेडब्ल्यूएमसी परियोजना के मां अंबे आउटसोर्सिंग पैच में हुई खदान दुर्घटना पर अब अदालती जांच (Court of Inquiry) की तैयारी शुरू हो गई है। खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय को भेज दी है।

सूत्रों के अनुसार, तीन से अधिक मौत होने पर मंत्रालय अदालती जांच का निर्णय लेता है। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें छह आउटसोर्सिंग कर्मी शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में DGMS की टीम ने पाया कि हाईवाल बेंच फेल्योर के साथ-साथ हाल रोड भी ध्वस्त हो गया था। इसी वजह से रविवार से खनन कार्य पर रोक लगा दी गई है।

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी प्रक्रिया में जांच अधिकारी को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां मिलती हैं। गवाहों को बुलाने, दस्तावेज मांगने और गवाहों से जिरह की प्रक्रिया इसमें शामिल होती है। इससे पहले भी नगदा, गजलीटांड़, चासनाला और ईसीएल राजमहल खदान हादसों में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी हो चुकी है।

इधर, कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद ने भी इस मामले में कोल इंडिया के जीएम सेफ्टी से विस्तृत जानकारी ली।

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