
झरिया : लोदना ओपी क्षेत्र स्थित श्रमिक कल्याण कॉलोनी में बीसीसीएल कर्मी विवेक यादव (30) की हत्या कर शव छिपाने का मामला सामने आने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। विवेक स्व. सुरेंद्र यादव का इकलौता पुत्र था। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
अधिकारियों ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, सिंदरी डीएसपी आशुतोष कुमार सत्यम, जोरापोखर सर्किल इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार और घनुवाडीह ओपी प्रभारी पंकज कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोदना ओपी प्रभारी गौरव कुमार से पूरे मामले की जानकारी ली और मृतक की मां सुधा देवी तथा पत्नी अमृता देवी से विस्तार से बातचीत की।
आखिरी बार कब देखा गया था विवेक
पत्नी अमृता देवी ने बताया कि विवेक 29 अगस्त की रात करीब 8 बजे घर से यह कहकर निकला था कि वह लोदना बाजार जा रहा है। रात 8:30 बजे जब उसे फोन किया गया तो उसने कहा कि “टिफिन तैयार रखना, मैं ड्यूटी के लिए जाऊंगा।” इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और वह घर नहीं लौटा। अगले दिन उसके भाई राहुल कुमार यादव ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
कमरे से मिला शव
पुलिस जांच के दौरान जब मकान का मुख्य दरवाजा खोलकर तलाशी ली गई तो एक कमरे से विवेक का शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी हत्या की गई थी और सबूत छिपाने के लिए शव कमरे में रखा गया था।
पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग
सिंदरी डीएसपी आशुतोष कुमार सत्यम ने बताया कि विवेक यादव हत्याकांड में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा—
“यह स्पष्ट है कि विवेक की हत्या की गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही उद्भेदन कर लिया जाएगा।”