सर्पों की देवी मां मनसा पूजा की धूम, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सर्पों की देवी मां मनसा पूजा की धूम, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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धनबाद :
सावन महीने की संक्रांति पर जिलेभर में मां मनसा पूजा का आयोजन बड़े ही धूमधाम और आस्था के साथ किया गया। कतरास, लकड़का, मालकेरा, बाघमारा सहित धनबाद जिले के कई इलाकों में श्रद्धालुओं ने परंपरागत ढंग से पूजा-अर्चना कर नागदंश से मुक्ति और परिवार की खुशहाली की कामना की।

रविवार की रात जैसे ही पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ, श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों और पूजा पंडालों में उमड़ पड़ी। देवी मनसा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गईं और पूरे उत्साह के साथ भक्तों ने देवी का श्रृंगार और विशेष पूजन किया।

पूजन के बाद परंपरागत रूप से बकरे की बली दी गई। कई जगहों पर जात मंगल का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीण कलाकारों ने मां मनसा की महिमा और लोक परंपराओं से जुड़े गीत प्रस्तुत किए। पूजा स्थलों पर डुगडुगी और ढोल-नगाड़ों की गूंज से माहौल भक्तिमय बना रहा।

स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन संक्रांति पर मां मनसा की पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां मनसा की कृपा से विषैले सर्पों का भय दूर होता है और घर-परिवार पर संकट नहीं आता। यही कारण है कि सालों से लोग इसे अपने रीति-रिवाज और लोक-परंपराओं के साथ पूरे हर्षोल्लास से मनाते आ रहे हैं।

पूजा आयोजकों ने बताया कि इस बार विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। वहीं, रातभर देवी-भजन और लोकगीतों की गूंज से इलाकों का माहौल आस्था और भक्ति में डूबा रहा।

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