गुन्दाडीह में गुरुजी को अनोखी श्रद्धांजलि, बाल मुंडवाकर और नाखून कटवाकर याद किया

गुन्दाडीह में गुरुजी को अनोखी श्रद्धांजलि, बाल मुंडवाकर और नाखून कटवाकर याद किया

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राजगंज, 15 अगस्त:
गुन्दाडीह आदिवासी गाँव में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दशक्रिया संस्कार का आयोजन शुक्रवार को पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ हुआ। यह आयोजन गुरुजी के जीवन संघर्ष, समाज सेवा और आदिवासी समुदाय के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए किया गया।

इस अवसर पर गाँव के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने अपनी परंपरा के अनुसार गुरुजी को श्रद्धांजलि दी। कोई बाल मुंडवाकर, तो कोई नाखून कटवाकर अपनी भावनाएँ व्यक्त करता नज़र आया। यह दृश्य गाँव के लोगों के गहरे सम्मान और स्नेह को दर्शा रहा था।

दशक्रिया घट भी उठाया गया, जिसे आदिवासी परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और यह दिवंगत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। आयोजन के दौरान वातावरण भावुक और ऐतिहासिक दोनों था, जिसमें गुरुजी के संघर्ष की गूंज महसूस की जा सकती थी।

कार्यक्रम में टुण्डी विधायक प्रतिनिधि बिरजू सोरेन, मांझी बाबा, मनसय मुर्मू, नाइकि शंकर मुर्मू, प्रानिक सुखदेव सोरेन, जोग मांझी, बिरसा सोरेन, किस्टु सोरेन, प्रण सोरेन, लुखु सोरेन, मनोज सोरेन, सनीचर हेंब्रम, गणेश सोरेन, दिनेश सोरेन, सोबरन मांझी, मोहन सोरेन, किशुन सोरेन, नरेश मुर्मू और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

महिला प्रतिनिधियों में धनि देवी, सुसान्ति देवी, संजोती देवी, सुखी देवी, मनि देवी, सुमी देवी और लिल मुनि देवी शामिल थीं। ग्रामीणों ने इस क्षण को गुरुजी के जीवन और योगदान की याद में अविस्मरणीय बताया।

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