9.38 करोड़ रुपये के डाकघर घोटाले में CBI ने की बड़ी कार्रवाई, 6 गिरफ्तार

9.38 करोड़ रुपये के डाकघर घोटाले में CBI ने की बड़ी कार्रवाई, 6 गिरफ्तार

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धनबाद जिले के गोविंदपुर स्थित केके पॉलिटेक्निक उप डाकघर में 9.38 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी मामले में CBI ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ये नाम शामिल हैं:

सुमित कुमार सौरभ – पोस्टल असिस्टेंट, जो वर्तमान में निलंबित हैं

अजय गोप

राजीव कुमार दत्ता

रंजीत कुमार

सागर कुमार

प्रमोद कुमार गोप

सुमित कुमार सौरभ, जो पुलिस लाइन के पास रहते हैं, पहले झरिया में पदस्थापित थे। अन्य पांचों आरोपी आउटसोर्स कर्मी थे और CDO (Centralised Delivery Office), धनबाद में कार्यरत थे।

CBI की कार्रवाई

CBI ने इन सभी को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब भी कुछ अन्य नामजद अभियुक्तों की तलाश कर रही है।

मामला कैसे उजागर हुआ?

CBI ने इस घोटाले को लेकर 16 अप्रैल 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी। शुरुआत में सब पोस्टमास्टर सुमित कुमार सौरभ, परितोष लकड़ा, शंकर भाटिया, और भरत प्रसाद रजक को आरोपी बनाया गया था।

करीब सवा साल की जांच के बाद सामने आया कि इस घोटाले में कई और लोग भी शामिल थे।

खातों और ट्रांजेक्शन की गहराई से जांच

सूत्रों के मुताबिक, सुमित कुमार सौरभ ने कई ग्राहकों के खातों से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये निकाले, उन्हें दूसरे खातों में ट्रांसफर कर बाद में निकासी की गई।
CBI को इन खातों और ट्रांजेक्शनों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है।

यह मामला देशभर के डाकघर सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। सीबीआई की जांच से आगे और बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

 

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