धनबाद:श्मशान घाट की जमीन की चहारदीवारी करा रहे लोगों को खदेड़ा, तोड़फोड़

धनबाद: बाघमारा अंचल अंतर्गत नगरीकला उतर पंचायत के एट लेन सड़क किनारे नगरीकला मौजा में झारखंड सरकार की सरकारी भूमि पर रविवार को कंक्रीट से चहारदीवारी करा रहे लोगों को स्थानीय ग्रामीणों ने खदेड़ दिया

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इस दौरान नगरीकला के दर्जनों महिला-पुरुषों ने पहुंच कर जमीन की चहारदीवारी करा रहे दो लोगों की पिटाई कर दी. ग्रामीणों लाठी डंडा, पत्थर लेकर पहुंचे थे. इस दौरान ग्रामीणों ने एक बाइक (जेएच 10 एके 4090) क्षतिग्रस्त कर दी. चारदीवारी में लगाये जा रहे कंक्रीट स्लैब को तोड़ फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया.

अतिक्रमण के खिलाफ महिलाओं ने किया प्रदर्शन

इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने सरकारी जमीन अतिक्रमण करना बंद करें, नगरीकला के श्मशान घाट का अतिक्रमण करना बंद करें आदि नारे लिखे तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने कहा कि भू-माफियाओं द्वारा रात के अंधेरे में चहारदीवारी बनायी जा रही थी. रविवार को पुलिस के उपस्थिति में कार्य किया गया. मामले की सूचना पाकर तेतुलमारी थानेदार सत्येन्द्र कुमार यादव, ईस्ट बसुरिया ओपी प्रभारी रुपेश कुमार दुबे, रामकनाली ओपी से जे से तिग्गा समेत पुलिस बल पहुंचे, इसके पूर्व ग्रामीण वहां जा चुके थे. पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक जब्त कर तेतुलमारी थाना ले गयी.

विधायक ने उपायुक्त को लिखा का था पत्र

विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने 11 अगस्त 2024 को उपायुक्त धनबाद को मामले की जांच करने को लेकर पत्र लिखा था. नगरीकला के ग्रामीणों ने 8 अगस्त 2024 को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन बाघमारा सीओ को देकर नगरीकला मौजा में सरकारी जमीन का गलत तरीके से कागजात बनवा कर कब्जा का प्रयास करने का आरोप लगाया था.

क्या कहते हैं ग्रामीण

ग्रामीण जगदीश महतो, सुभाष महतो का कहना है कि उक्त जमीन सरकारी है, जिसका कुल रकबा 2.73 एकड़ है, उसमें श्मशान है. रंगलीटांड नगरीकला नायकडीह पहाडीधार अहरी टोला के ग्रामीण वहां शव का दाह-संस्कार करते हैं. टुंडी विधायक मद से उक्त जमीन का समतलीकरण करवा कर मैदान बनाया गया है. शेड का भी निर्माण कराया गया है. लेकिन भू माफियाओं द्वारा करोड़ों की जमीन पर कब्जा का प्रयास किया जा रहा है. इसे सफल नहीं होने दिया जायेगा.

जमीन घेराबंदी की कोई जानकारी नहीं : थानेदार

इस संबंध में तेतुलमारी थानेदार सत्येंद्र कुमार यादव ने कहा कि उक्त जमीन की घेराबंदी की जानकारी पुलिस को नहीं है. सीओ को मामले में हस्तक्षेप कर निपटारा करना चाहिए.

क्या कहते हैं बाघमारा सीओ

बाघमारा के सीओ बाल किशोर महतो ने कहा कि यह पुराना मामला है. इस जमीन का खतियान परेश चंन्द्र भद्रा के नाम से खुला हुआ था. तत्कालीन उपायुक्त ने जमाबंदी में रद्द की थी. उसके बाद हाईकोर्ट से परेश चंद्र भद्रा के पक्ष में फैसला दिया

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