निरसा पुलिस ने 40 गौवंसो से भरा कंटेनर को पकड़ा ठुस ठुस कर भरी गई थी गोवंश, कतरास गंगा गौशाला को किया सुपुर्द
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
धनबाद पुलिस की लाख कोशिश के बावजूद भी जिले में गौ तस्करी का कारोबार में लगाम नहीं लग रहा है।
दिनांक 7 दिसंबर 2024 सुबह 4:00 बजे निरसा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।
निरसा पुलिस ने गश्ती के दौरान निरसा थाना क्षेत्र के जीटी रोड में कंटेनर में भरकर गोकशी के लिए ले जाया जा रहे 40 गौ वंश को कंटेनर के साथ पकड़ा है।
पकड़े गए गौ वंशों को कतरास गंगा गौशाला प्रबंधन समिति को सौंप दिया गया है।
कंटेनर में 40 गौवंशो को बहुत ही बेरहमी से ठुस- ठुस कर भरा गया था।

बताते चले कि धनबाद का जीटी रोड गांव तस्करी का सेफ जोन बन गया है बिहार उत्तर प्रदेश से गौवंशो को तस्करी कर जीटी रोड के माध्यम से बंगाल भेजा जाता है, जहां से गौ तस्कर आगे बांग्लादेश के लिए उन्हें भेज देते हैं। इस काम में कई सफेद पोस्ट लोग शामिल है।
सूत्रों की माने तो गौ तस्करों का सिंडिकेट की पहुंच ऊपर से लेकर नीचे तक है जिसमे मुख्य रूप से शेरघाटी का मुन्ना खान और चौसा का नईम खान है ।
प्रत्येक दिन जीटी रोड से सैकड़ो कंटेनर में गौवंश को भरकर बंगाल भेजा जाता है। इस सिंडीकेट में धनबाद से मैथन तक के कई लोग पासिंग का काम करते है जिसमे नीरसा का शमशाद खान, वासेपुर का गुलाबी उर्फ सोनू, धनबाद का नदीम खान, मैथन का श्याम तिवारी ओर इनलोगो के साथ गोविन्दपुर थाना का निजी चालक पप्पू भी मिला हुआ है जो सभी गाड़ियों को पासिंग देता है इसलिए गो तस्करों की चालाकी से पुलिस भी धोखा खा जाती है, क्योंकि पुलिस का स्टाफ ही इन्हें लोकेशन देता है इसलिए पुलिस तस्करों को पकड़ने के लिए डाल-डाल तो गौ तस्कर पात-पात की चाल चलते हैं। तस्करी का तरीका में रोज परिवर्तन कर रहे हैं। और पुलिस को धोखा दे रहे हैं।

वही मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कमलेश सिंह ने बताया कि निरसा थाना द्वारा 40 गौवंशो को पकड़ कर कतरास गंगा गौशाला को सोपा गया है। कंटेनर में बहुत ही बेरहमी से गौवंशो को ठुस ठुस कर भरा गया था। झारखंड सरकार के द्वारा गौवंशो को सुरक्षित रखने के लिए झारखंड सरकार ने वर्ष 2005 में गौ हत्या निषेध अधिनियम 2005 संशोधित 2011 कानून भी बनाया है इसके तहत जो भी गौ तस्करी करते हुए पकड़े जाएंगे 10 वर्ष का शश्रम कारावास के प्रावधान है। इस कानून का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है इसलिए झारखंड में गौ तस्करी जारी है।