बांसजोड़ा गोलीकांड पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, किशुन रवानी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग

निचितपुर ग्राउंड में जुटे सैकड़ों ग्रामीण, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की उठी मांग

लोयाबाद: बांसजोड़ा गोलीकांड को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच अब स्थानीय ग्रामीण भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। सोमवार को गड़ेरिया, निचितपुर, बांसजोड़ा बस्ती और मोहलीडीह के ग्रामीण निचितपुर ग्राउंड में एकत्र हुए और किशुन रवानी हत्याकांड के सभी आरोपियों तथा कथित षड्यंत्रकारियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही उन्होंने आजसू जिलाध्यक्ष मंटू महतो को पूरे घटनाक्रम का मुख्य षड्यंत्रकारी बताते हुए उनके खिलाफ भी प्राथमिकी में नाम जोड़ने की मांग उठाई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य इसराफील उर्फ लाला, आजाद मुखिया और विशाल महतो ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की साजिश के कारण शांतिप्रिय बांसजोड़ा क्षेत्र का माहौल बिगड़ा है। वक्ताओं ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर दिए गए भड़काऊ बयानों और बाहरी लोगों की मौजूदगी के कारण गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें किशुन रवानी की जान चली गई।
ग्रामीण नेताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले के आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कथित तौर पर शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की मांग की।
बैठक में यह भी दावा किया गया कि क्षेत्र में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी पर वर्चस्व की लड़ाई के कारण यह विवाद पैदा हुआ। ग्रामीणों ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना, प्रदर्शन और मशाल जुलूस जैसे आंदोलन किए जाएंगे।
गौरतलब है कि बांसजोड़ा गोलीकांड को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह मामला अब केवल आपराधिक घटना न रहकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।