धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाला: ACB का बड़ा एक्शन, 16 से अधिक आरोपी गिरफ्तार

धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाला: ACB का बड़ा एक्शन, 16 से अधिक आरोपी गिरफ्तार

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धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण में सामने आए बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक धनबाद सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर यह कार्रवाई की।
गिरफ्तार आरोपियों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी और मुआवजा घोटाले में भूमिका निभाने वाले बिचौलिये शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने रैयतों की जमीन के बदले दिए जाने वाले मुआवजे की राशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर कर सरकारी धन का गलत तरीके से बंदरबांट किया।
बताया जा रहा है कि करीब 300 करोड़ रुपये के इस घोटाले में वास्तविक जमीन मालिकों को उनका हक नहीं मिला, जबकि फर्जी दस्तावेजों और दलालों के माध्यम से मुआवजा राशि का दुरुपयोग किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2014 में इसकी जांच एसीबी को सौंपी थी।
प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक और लाल मोहन नायक समेत कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद वर्षों तक मामला ठंडे बस्ते में रहा।
इस घोटाले के कारण कई वास्तविक जमीन मालिक पिछले एक दशक से न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर रहे। दुखद पहलू यह है कि इस लंबी कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई के दौरान छह से अधिक रैयतों की मौत भी हो चुकी है।
ACB की हालिया छापेमारी और बड़ी संख्या में हुई गिरफ्तारियों को अब तक की सबसे प्रभावी कार्रवाई माना जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित रैयतों में एक बार फिर न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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