दारोगा मीरा सिंह मिठाईवाले से करती थीं चेन छिनने की चर्चा, स्टॉक में निवेश के लिए मांगा था उधार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसी तुपूदाना थाना की तत्कालीन प्रभारी दारोगा मीरा सिंह को लेकर ईडी की जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि मीरा सिंह अपने क्षेत्र में चेन छिनने की घटनाओं की चर्चा करने के लिए अक्सर एक मिठाई की दुकान पर जाया करती थीं।
मिठाई खाने के बहाने जुटाती थीं जानकारी
मीरा सिंह के क्षेत्र में मोहित लाल शाहदेव की एक मिठाई की दुकान है, जिसका नाम “मिठाई घर” है। ईडी को मिले बयान के अनुसार, मीरा सिंह अक्सर इस दुकान पर जाती थीं। दुकान पर जाने का उद्देश्य केवल मिठाई खाना नहीं, बल्कि क्षेत्र में हो रही चेन छिनने की घटनाओं की जानकारी जुटाना भी था।
स्टॉक मार्केट में निवेश के लिए मांगा था उधार
जांच में सामने आया है कि एक बार मीरा सिंह ने स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए मिठाईवाले मोहित लाल शाहदेव से 25 हजार रुपये उधार मांगा था। उस समय मोहित के पास रकम नहीं थी, तो वह दारोगा को अपने चाचा जयंत नाथ शाहदेव के पास ले गए।
लेकिन मीरा सिंह ने मांगे तो 25 हजार, पर चाचा से दिलवाए 2.30 लाख रुपये, वह भी बिना किसी ब्याज के। इस रकम के लिए मोहित लाल शाहदेव गारंटर बने, जबकि उनके पास खुद 25 हजार रुपये देने की क्षमता नहीं थी।
ईडी ने छापा मारकर जब्त की नकदी
जांच के दौरान ईडी ने जब मोहित शाहदेव के घर पर छापा मारा, तो वहां से 12.52 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में मोहित ने बताया कि यह रकम जमीन बेचने से मिले पैसे और मिठाई दुकान की आमदनी से जुड़ी है।
हालांकि, जब ईडी ने उनके चाचा लाल हरि नाथ शाहदेव से पूछताछ की, तो उन्होंने किसी भी नकद राशि देने की बात से इनकार कर दिया। इससे मोहित के दावों पर सवाल उठ गए।
जमीन खरीदने में लगाई थी रकम
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि मीरा सिंह ने मोहित को दी गई रकम से लालपुर इलाके में जमीन खरीदी थी, लेकिन इसकी जानकारी उन्होंने राज्य सरकार को नहीं दी — जो कि सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन है।