फर्जी लूटकांड का हुआ पर्दाफाश, माइक्रो फाइनेंस कर्मचारी ने खुद रची थी साजिश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद,
धनबाद जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर ने खुद ही लूट की झूठी कहानी रच दी। पुलिस की सख्त जांच के बाद पूरा मामला फर्जी निकला।
झूठी लूट की कहानी बनाई
भारत माइक्रो फाइनेंस इनक्लूजन लिमिटेड में कार्यरत साजिद अंसारी ने 21 जुलाई को टुंडी थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि टुंडी-गोविंदपुर रोड के पास दो बाइक सवार अपराधियों ने उससे ₹74,500 नकद, मोबाइल, टैब और बायोमेट्रिक मशीन लूट ली।
पुलिस की जांच में खुला राज
धनबाद समाहरणालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएसपी-2 धीरेंद्र नारायण बंका ने बताया कि जांच के दौरान शक गहराया और पुलिस ने जब साजिद के दोस्त अहमद अंसारी से पूछताछ की, तो उसने ₹74,500 नकद पुलिस को सौंप दिया। साजिद का मोबाइल और चार्जर भी बरामद किया गया।
नदी में फेंके थे सबूत
पूछताछ में साजिद ने स्वीकार किया कि उसने टैब और बायोमेट्रिक मशीन को बराकर नदी में फेंक दिया था, ताकि मामला असली लगे। पुलिस अब नदी से इन सामग्रियों को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
प्रोत्साहन राशि में कटौती बनी वजह
साजिद ने बताया कि कंपनी की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में लगातार कटौती हो रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी के चलते उसने यह फर्जी लूटकांड रचने की साजिश की।