साइबर क्राइम करते सात युवक रंगेहाथ गिरफ्तार, बरामद फोन से मिले ठगी के साक्ष्य

साइबर क्राइम करते सात युवक रंगेहाथ गिरफ्तार, बरामद फोन से मिले ठगी के साक्ष्य

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साइबर क्राइम करने के आरोप में सात युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, वहीं एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया. पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड और प्रतिबिंब एप में अपलोड चार फर्जी मोबाइल नंबर भी बरामद किये हैं.

देवघर : सिकटिया बराज के आगे करौं थानांतर्गत जंगल में व पालोजोरी के घोरपारा जंगल के समीप साइबर थाने की पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर छापेमारी की. इस अभियान में सात युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, वहीं एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया. ये सभी अपराधी बैंकों और विभिन्न कंपनियों के अधिकारी बनकर साइबर ठगी कर रहे थे. पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड और प्रतिबिंब एप में अपलोड चार फर्जी मोबाइल नंबर भी बरामद किये हैं. गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी, जिसके बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया गया, जबकि निरुद्ध किशोर को जेजे बोर्ड के सामने पेश कर दुमका के बाल सुधार गृह भेजा गया. पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, गिरफ्तार साइबर ठगों में सारठ के पिंडारी गांव का आसीर अंसारी, पालोजोरी के डुमरकोला गांव का मनोज यादव, चितरा के दुमदुमी गांव का संदीप कुमार दास, करौं के डुमरथर गांव का छोटू अंसारी, करौं का प्रेमनाथ दास, चोरबदिया गांव का विकास महरा और बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के गोनाडीह गांव का संतोष कुमार शर्मा शामिल है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि, क्रेडिट कार्ड अधिकारी, एयरटेल पेमेंट बैंक और फोन-पे के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे. वे लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते की जानकारी, ओटीपी आदि लेकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते है।

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