250 करोड़ के बालू घोटाले में ED ने धनबाद के स्व. सुरेश सिंह के पुत्र अजय सिंह को पटना में गिरफ्तार कर भेजा जेल..

पटना : बिहार की राजधानी पटना से लेकर रोहतास, औरंगाबाद में अवैध बालू खनन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अजय सिंह को इडी ने शनिवार को पटना में गिरफ्तार कर लिया. अजय सिंह धनबाद के कोयला कारोबारी सह धनबाद जिला कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष स्व.सुरेश सिंह के बड़े पुत्र हैं. गिरफ्तार करने के बाद अजय सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें सात अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया.

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अजय सिंह आदित्य मल्टीकॉम कंपनी से से जुड़े हैं.यह कंपनी बिहार में बालू का खनन करती है. इस कंपनी पर करीब 250 करोड़ राजस्व चोरी करने का आरोप है.

आपको बता दें कि सुरेश सिंह कांग्रेस के टिकट पर दो बार झरिया से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके थे. बाद में 2011 में उनकी हत्या कर दी गयी थी….

इडी द्वारा गिरफ्तार अजय कुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर के कुलहड़िया के रहने वाले हैं. अजय, फिलहाल कोलकाता के बालीगंज में रहते हैं.

एक सप्ताह पहले इडी ने बालू और शराब कारोबारी पुंज सिंह को भेजा था जेल…

एक सप्ताह पहले इडी ने ब्रॉडसन के पूर्व निदेशक पुंज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. पुंज भी धनबाद के रहने वाले हैं. ब्रॉडसन और आदित्य मल्टीकॉम कंपनी बालू का खनन करती है. इन दोनों कंपनियों के करीब एक दर्जन बालू माफिया इडी के रडार पर हैं. सूत्रों के अनुसार, इडी ने सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है. जैसे-जैसे साक्ष्य मिलेंगे, वैसे-वैसे बालू माफियाओं की गिरफ्तारी होगी. इडी ने पिछले साल जून में बालू घोटाले के 250 करोड़ के मामले में झारखंड के 11 स्थानों पर छापेमारी की थी. इसमें बालू के अवैध कारोबार को लेकर कई रिकार्ड मिले थे, इसी सिलसिले में यह कार्रवाई बताई जा रही है. इडी ने पिछले साल जून में यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत किया था.

अजय को इडी ने पूछताछ के लिए पटना बुलाया था और पिछले दो तीन दिन से पूछताछ कर रही थी. ब्रॉडसन और आदित्य मल्टीकॉम के कई बालू माफिया केंद्रीय एजेंसी के रडार पर…

सूत्रों के अनुसार आदित्य मल्टीकाम पर औरंगाबाद के बारूण थाना में भी 22 लाख 47 हजार 700 घनफीट बालू चोरी का केस दर्ज हुआ था. कंपनी पर 11 करोड़ 72 लाख 50 हजार रुपये की सरकारी राजस्व का नुकसान करने का आरोप है. रोहतास में भी इस कंपनी पर केस दर्ज है…दरअसल ईडी से पहले इस मामले की जांच बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने भी की थी..मामले संलिप्त आरोपियों व गिरफ्तार किए गए लोगों के संबध पहले से कांग्रेस और राजद के साथ बिहार झारखंड में पार्टी नेताओं को फंडिंग करने से जुड़े रहें है…ऐसे में इस कार्रवाई को आर्थिक अपराध के साथ साथ राजनीतिक चश्में से भी देखा जा रहा है।

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