बंगाल : लगभग 24 घंटे के के बाद बंगाल सरकार बैक फुट पर आ गई है और झारखण्ड से बंगाल जानेवाली सभी मालवाहक वाहनों की एंट्री बंगाल में शुरू हों गई है. बता दें कि बीते शाम 7 बजे के बाद से बंगाल सरकार के आदेश पर झारखण्ड – बंगाल मैथन बॉर्डर पर मालवाहक वाहनों के बंगाल में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी. जिसके बाद से रात से दोपहर तक में करीब 20 किमी तक वाहनों की लंबी कतारे लग गई थी. चालकों को इससे हों रही परेशानी को देखते हुए मासस की ओर से भी बंगाल से झारखण्ड सीमा पर प्रवेश करनेवाली सभी वाहनों को रोक बंगाल सरकार पर दबाव बनाया गया परिणाम स्वरूप बंगाल सरकार को बैक फुट पर आना पड़ा और आखिरकार पुनः भारी वाहनों की बंगाल में एंट्री सुचारु हों पायी. बंगाल सरकार द्वारा दिए गए इस परमिशन के बाद ट्रक चालकों ने राहत की सांस ली. निरसा के पूर्व विधायक अरुप चटर्जी ने इस पहल के लिए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरहाना की. उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन इस मामले को लेकर लगातार गंभीर थे. उनकी बंगाल सरकार से सकारात्मक बातचीत हुई जिसके बाद बंगाल सरकार ने लगी रोक को हटा लिया. इसके बाद कतार में ख़डे सभी मालवाहक वाहन अब धीरे – धीरे बंगाल में प्रवेश करना शुरू कर चुकी है. एन एच पर लगी वाहनों की लंबी कतारे अब सिमित हों रही हैं साथ ही जाम भी अब टूटने लगा है. बता दें कि पिछले दिनों झारखण्ड में हुई मूसलाधार बारिश के बाद मैथन व पंचेत डैम का जल स्तर बढ़ जाने से डैम खोलना पड़ा था और पानी को बंगाल कि तरफ निकाला गया जिसके बाद बंगाल सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए झारखण्ड से बंगाल में प्रवेश करनेवाली माल वाहक वाहनों को सीमा पर ही रोकने के कथित आदेश दिया था.
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