#Dhanbad प्रिंस खान के नेटवर्क पर बड़ा एक्शन! NIA-CBI की मदद लेने की तैयारी में धनबाद पुलिस, सैफी के खुलासे से मचा हड़कंप
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धनबाद : वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए धनबाद पुलिस अब बड़ी तैयारी में जुट गई है। प्रिंस खान के करीबी रहे सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस अब केंद्रीय एजेंसियों NIA और CBI की मदद लेने की योजना बना रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से फरार चल रहा गैंगस्टर प्रिंस खान अब दुबई छोड़कर पाकिस्तान में शरण ले चुका है। वहीं उसका भाई गोपी खान दुबई में बैठकर पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है। सैफी ने पूछताछ में बताया कि प्रिंस का साला रितिक और आदिल भी इस समय दुबई में मौजूद हैं और नेटवर्क को संभालने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रिंस खान और उसके भाई गोपी खान के बीच भी अब खटपट शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि गोपी खान अपना अलग गिरोह खड़ा करने की कोशिश में जुटा है। पुलिस को आशंका है कि दुबई से ही गैंग के नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की साजिश रची जा रही है।
सैफी ने यह भी खुलासा किया है कि रंगदारी और अवैध वसूली से जमा करोड़ों रुपये रिश्तेदारों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश किए गए हैं। इसके बाद पुलिस अब गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले रिश्तेदारों और करीबियों की जांच में जुट गई है। कई लोगों की संपत्तियों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच की तैयारी चल रही है।
धनबाद पुलिस का मानना है कि यह गैंग अब अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुका है, इसलिए इसे खत्म करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, गोपी खान के खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और धमकी जैसे 30 से अधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ इंटरनेशनल लेवल पर कार्रवाई के लिए जल्द पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में पुलिस ने प्रिंस खान के माता-पिता से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। हालांकि उन्होंने बेटों से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया, लेकिन पुलिस उनके बयानों का सत्यापन कर रही है।
इधर, जेल से जमानत पर बाहर आया प्रिंस का भाई बंटी भी पुलिस की निगरानी में है। पुलिस को शक है कि वह भी देश छोड़कर फरार होने की कोशिश कर सकता है। वहीं चाईबासा जेल में बंद गॉडविन पर भी नजर रखी जा रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह जेल के अंदर से ही गैंग के लिए नए लड़कों की भर्ती कराने में जुटा हुआ है।
धनबाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब शहर में सक्रिय स्लीपर सेल, रंगदारी नेटवर्क और गैंग से जुड़े अपराधियों की पहचान कर लगातार छापेमारी कर रही हैं।