
दुमका | प्राइम न्यूज 24
मजदूर दिवस के अवसर पर दुमका प्रखंड के हरिपुर पंचायत स्थित सभागार में पंचायत शिफ्टेड प्रज्ञा केंद्र संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपेंद्र कुमार पाल ने की, जिसमें जिले के विभिन्न पंचायतों से आए संचालकों ने भाग लिया। बैठक में संचालकों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 8 मई (शुक्रवार) को उपायुक्त कार्यालय, दुमका के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान संचालक अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे।
संचालकों ने आरोप लगाया कि CSC-SPV द्वारा लंबे समय से उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग के साथ हुए एमओयू के अनुसार प्रत्येक प्रज्ञा केंद्र संचालक को ₹7550 प्रतिमाह मानदेय दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान में मात्र ₹2475 ही दिए जा रहे हैं, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। संचालकों ने मानदेय को बढ़ाकर कम से कम ₹7550 करने की मांग की।
बैठक में यह भी सामने आया कि संचालकों से डिजिटल क्रॉप सर्वे, फसल बीमा, कोविड-19 वैक्सीनेशन एंट्री सहित कई कार्य कराए गए, लेकिन अब तक उनका भुगतान लंबित है। भुगतान की मांग करने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा टालमटोल किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
इसके अलावा संचालकों ने मांग की कि जाति एवं निवास प्रमाण पत्र निर्माण प्रक्रिया में उनके सत्यापन को मान्यता दी जाए और उन्हें अधिकृत किया जाए। साथ ही पंचायत स्तर पर नियमित कार्य उपलब्ध कराने की भी मांग की गई, ताकि उन्हें निष्क्रिय न बैठना पड़े।
मैया योजना में देर रात तक कार्य करने के बावजूद पूर्ण भुगतान नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई। वहीं मनरेगा के तहत वर्ष 2023 में प्रशिक्षण दिए जाने के बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं होने पर संचालकों ने नाराजगी जताई और जल्द कार्य प्रारंभ कराने की मांग की।
अंत में संचालकों ने सभी कार्यों के लिए सम्मानजनक और उचित पारिश्रमिक तय करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें उनके श्रम का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
बैठक में पंकज कुमार पंडित, उज्ज्वल कुमार पाल, जीवेश कुमार, पुष्पा कुमारी, काशीनाथ मंडल, नदियानंद, अमित कुमार शाह, विकास कुमार, नंदलाल मंडल, श्याम कुमार, अनुज कुमार मंडल, रामजीवन रजक, पप्पू कुमार महतो, मदन मोहन झा, किशोर कुमार मंडल, सुमन कुमार शाह, हेमलाल मरांडी, संजीव हंसदा, फ्रांसिस सोरेन, अनिल कुमार, परितोष कुमार, विश्वजीत भंडारी सहित कई संचालक उपस्थित रहे।