धनबाद में ट्रेन उद्घाटन को लेकर बवाल: महापौर का नाम हटाने पर सियासी विवाद, जांच की मांग

धनबाद में रेलवे के एक उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस के उद्घाटन समारोह से महापौर का नाम और फोटो हटाए जाने पर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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🗣️ उप महापौर अरुण कुमार चौहान ने रविवार को अपने आवासीय कार्यालय में पार्षदों के साथ प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल को रेलवे के डीआरएम कार्यालय की ओर से महापौर संजीव सिंह को उद्घाटन समारोह के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही उसे रद्द कर दिया गया।

🚫 इतना ही नहीं, कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर से महापौर का नाम और तस्वीर भी हटा दी गई, जिससे जनप्रतिनिधियों और आम लोगों में आक्रोश फैल गया।

⚠️ उप महापौर ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई किसी दबाव में की गई प्रतीत होती है। उन्होंने केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा—

“यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि धनबाद की जनता के सम्मान का मुद्दा है।”

📢 उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक जनता के बीच असंतोष बना रहेगा।

👉 अब इस मामले ने स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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