धनबाद में होली का अनोखा रंग — जब अपनों से दूर बुज़ुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
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धनबाद के सबलपुर स्थित ओल्ड एज होम में इस बार होली महज़ एक त्योहार नहीं, बल्कि संवेदना और सम्मान का संदेश बन गई। उपायुक्त आदित्य रंजन ने वृद्धजनों के साथ गुलाल लगाकर और फूलों से होली खेलकर उन्हें अपनापन का अहसास कराया।

जिन आँखों में अकेलेपन की नमी थी, उनमें आज खुशी की चमक दिखी। कई बुज़ुर्ग भावुक हो उठे और बोले— “आज सच में लगा कि हम अकेले नहीं हैं।”
इस मौके पर उपायुक्त ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ओल्ड एज होम को अपग्रेड कर 88 बेड का आधुनिक आश्रय गृह बनाया जाएगा। बरसात से पहले नए भवन का निर्माण शुरू करने की योजना है। इस घोषणा ने वहां मौजूद सभी बुज़ुर्गों के चेहरों पर नई उम्मीद जगा दी।
रंगों से ज्यादा रिश्तों की गर्माहट ने इस होली को खास बना दिया।
सच है—त्योहार तब ही सार्थक होता है, जब खुशियाँ हर दिल तक पहुँचें।
होली का असली रंग — सेवा, सम्मान और संवेदना।