“गौ तस्करी पकड़ने वालों को धमकी? बगोदर थाना प्रभारी के बोलों से उठे सवाल”
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गिरिडीह में गौ तस्करी पर बड़ा सवाल: गौ रक्षकों से दुर्व्यवहार, थाना प्रभारी के बोल पर विवाद

गिरिडीह (झारखंड):
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र से गौ तस्करी से जुड़ा एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला बगोदर थाना प्रभारी विनय यादव के कथित व्यवहार से जुड़ा है, जिसको लेकर गौ रक्षक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, कड़ाके की ठंड के बीच रात करीब 2 बजे नेशनल हाइवे पर गौ तस्करी की सूचना मिलने के बाद गौ रक्षक मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि काफी मशक्कत के बाद तस्करी में प्रयुक्त एक कंटेनर को पकड़ा गया और उसे बगोदर पुलिस के हवाले किया गया।

लेकिन इसके बाद का घटनाक्रम और भी गंभीर बताया जा रहा है। आरोप है कि थाना प्रभारी विनय यादव ने गौ रक्षकों से अमर्यादित भाषा में बात की और उन्हें “डकैत” बताते हुए यह कहा कि उन्हें किसी को पकड़ने का अधिकार नहीं है। इतना ही नहीं, गौ रक्षकों का आरोप है कि उन्हें डकैती के मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतनी बड़ी मात्रा में गौ तस्करी संभव है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गौ रक्षक सक्रिय नहीं होते, तो बड़ी संख्या में गौवंशों को तस्करों द्वारा ले जाया जाता।
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि पकड़े गए कंटेनर से बड़ी संख्या में मृत गौवंश बरामद किए गए हैं, जिससे तस्करी की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, जीवित बचे सभी गौवंशों को सुरक्षित रूप से गौशाला पहुंचा दिया गया है।

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। गौ रक्षक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इस गौ तस्करी के पीछे किसी स्तर पर पुलिस या प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं है।
Prime News 24 इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू की जांच करता रहेगा।