शेख हसीना को मौत की सजा: बांग्लादेश ICT ने मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी करार दिया
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने मानवता के खिलाफ गंभीर अपराधों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। ट्रिब्यूनल की तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को करीब 400 पेज के फैसले में यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया।
ट्रिब्यूनल की बेंच की अगुवाई जस्टिस गुलाम मुर्तजा ने की। इसी केस में पूर्व गृह मंत्री और पूर्व आईजी को भी मौत की सजा मिली है। अदालत ने कहा कि आरोप “गंभीर, संगठित और मानवता के खिलाफ अपराध” की श्रेणी में आते हैं।
फैसला छह हिस्सों में सुनाया गया
ICT ने अपना फैसला कुल 6 पार्ट्स में पढ़ा। फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि प्रस्तुत सबूत, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की दलीलों से स्पष्ट है कि अभियुक्तों की भूमिका अपराधों में प्रत्यक्ष और योजनाबद्ध रही।
शेख हसीना ने फैसले को बताया ‘पक्षपाती’
सजा सुनाए जाने के बाद शेख हसीना ने बयान दिया कि उनके खिलाफ आया फैसला
“गलत, पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित” है।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है।
ICT क्या है?
इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) बांग्लादेश में युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत है। यह ट्रिब्यूनल लंबे समय से विवादों और राजनीतिक आरोपों के घेरे में भी रहा है।
बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल
इस फैसले से बांग्लादेश की राजनीति में बड़ी हलचल मच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का प्रभाव आने वाले राजनीतिक समीकरणों, विरोध प्रदर्शनों और देश की कानून-व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।