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रांची : जब पूरा शहर नींद में था, तब मझिआंव अंचल के सीओ प्रमोद कुमार के सरकारी आवास में तूफान मच गया। शुक्रवार भोर करीब 4 बजे उनकी पत्नी डॉ. श्यामा रानी शक के चलते दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुईं — और जो नज़ारा उन्होंने देखा, उसने सब कुछ बदल दिया।
कमरे के भीतर सीओ प्रमोद कुमार किसी दूसरी महिला के साथ मौजूद थे। पत्नी के आक्रोश की आग भड़क उठी। उन्होंने तत्काल कमरे का दरवाज़ा बाहर से बंद कर दिया। सरकारी आवास में हंगामा मच गया। शोर-गुल सुनकर आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई।
सूत्रों के अनुसार, सीओ साहब ने गुस्से में दरवाज़ा तोड़ने की कोशिश की और यहां तक कि छत से कूदने की धमकी भी दी। लेकिन पत्नी अडिग रहीं — दरवाज़ा नहीं खोला। कुछ ही देर में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला (प्रेमिका) को महिला थाना ले गई।
पत्नी डॉ. श्यामा रानी ने मीडिया से कहा,
“बहुत दिनों से शक था, आज सब सच सामने आ गया। अब कानून बोलेगा, हम नहीं।”
इस बीच डॉ. श्यामा रानी के पिता और सीओ के ससुर, पूर्व सांसद ने भी नाराज़गी जताते हुए कहा,
“ऐसा व्यवहार समाज में शोभा नहीं देता। हमें न्याय चाहिए।”
भाई रोशन कुमार ने कहा कि पहले वे इसे पति-पत्नी का आपसी विवाद समझते थे, लेकिन आज सच्चाई सामने आ गई।
घटना की पुष्टि करते हुए SDPO नीरज कुमार ने बताया —
“यह पारिवारिक मामला है। फिलहाल किसी भी पक्ष से आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।”
सरकारी आवास में हुई इस घटना की चर्चा अब पूरे इलाके में है। मोहब्बत, शक और विश्वासघात की यह कहानी अब कानूनी मोड़ लेने वाली है।