
रांची :
कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज कराने की मांग को लेकर झारखंड, बंगाल और उड़ीसा में शनिवार को कुड़मी समाज का रेल टेका आंदोलन जोर पकड़ गया।
धनबाद के प्रधानखंता रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही सैकड़ों आंदोलनकारी जुटे। ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। रेलवे और जिला पुलिस की रोकथाम के बावजूद वे ट्रैक पर डटे रहे, जिससे कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। कुछ ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा, वहीं यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इधर राजधानी रांची के टाटीसिलवे और मूरी स्टेशन पर भी कुड़मी समाज के लोग रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध दर्ज कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।