धनबाद। / पूर्वी टुंडी
करमा पूजा का पारंपरिक पर्व बुधवार को धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी एवं टुंडी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। आदिवासी समाज की आस्था और संस्कृति से जुड़ा यह पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है।
करमा पूजा के अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला उपवास रखा। इस दौरान बहनों ने कुरथी का बीज बोकर जवा की डाली उठाई और पारंपरिक गीतों के माध्यम से करमा गोसाई का आह्वान किया। पूजा के बाद करमा डाल की विधिवत पूजा-अर्चना कर भाई की दीर्घायु और अच्छी फसल की मंगल कामना की गई।
पूरे इलाके में ढोल-मांदर की थाप और सांस्कृतिक गीतों से वातावरण गूंज उठा। महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर पूजा में शामिल हुईं। करमा पर्व न सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते को प्रगाढ़ बनाता है बल्कि सामुदायिक एकजुटता और पूर्वजों की परंपरा को भी जीवित रखने का कार्य करता है।