धनबाद से बड़ी खबर : गैर मजरुआ जमीन को रैयती दिखा बेचने के मामले में तीन पर प्राथमिकी दर्ज

 

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धनबाद : गैर मजरुआ जमीन को रैयती बताकर अवैध तरीके से बेचने के गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अपर समाहर्ता के निर्देश पर गोविंदपुर अंचलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार दुबे ने बरवाअड्डा थाना में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। मामला भेलाटांड़ मौजा (संख्या 89) से जुड़ा है, जहां खाता-प्लॉट में हेराफेरी कर जमीन कारोबार का खेल चल रहा था।

 

प्राथमिकी के अनुसार, गैर आबाद खाता संख्या 271, प्लॉट संख्या 220 (रकबा 4.10 एकड़) को फर्जी तरीके से नया खाता 273, प्लॉट संख्या 220 दिखाया गया। जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि खाता 273 नाम का कोई अस्तित्व ही नहीं है। इसके बावजूद आरोपितों ने पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से जमीन की अवैध बिक्री कर दी।

 

सीओ की शिकायत पर भूमि की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल अमर चंद्र गोराई, बलराम गोराई और पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर राजीव रंजन उर्फ रवि यादव के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

 

चार बार हो चुकी जांच, 61 बार हुई रजिस्ट्री

 

सूत्रों के अनुसार इस विवादित प्लॉट की अब तक चार बार जांच हो चुकी है। पुराना खाता बिहार सरकार के नाम से दर्ज है, लेकिन नया सर्वे होने के बाद यह ऑनलाइन रैयती दिखने लगा। इसी आधार पर पिछले कुछ वर्षों में इस जमीन के 61 भूखंडों की रजिस्ट्री हो चुकी है और 38 भूखंडों का म्यूटेशन भी किया जा चुका है।

 

इस पूरे खेल ने प्रशासनिक तंत्र की बड़ी लापरवाही और जमीन माफियाओं की मिलीभगत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे की संभावना जता

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