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श्रद्धा पर डाका: जामताड़ा के श्याम मंदिर से जेवरात और नकदी चोरी, चार पुलिसकर्मी निलंबित
जामताड़ा से रिपोर्ट
“जब प्रहरी ही सो जाएं तो चोरों के हौसले बुलंद हो जाते हैं”—बीती रात जामताड़ा के ऐतिहासिक श्याम मंदिर में घटी वारदात ने इस कहावत को सच कर दिखाया। चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर न केवल जेवरात और नकदी लूटी, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर भी गहरा आघात पहुंचाया।
घटना की जानकारी सुबह तब हुई जब पुजारी ने मंदिर का दरवाजा खोला और टूटा ताला, बिखरा सामान और खाली दानपेटी देख हतप्रभ रह गए। मंदिर समिति के मुताबिक बाबा श्याम के श्रृंगार के गहने, छत्र और दानपेटी में रखी नकदी समेत लगभग 10 से 15 लाख रुपये मूल्य का सामान चोरी हो गया।
एसपी ने संभाली कमान, जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता भी घटनास्थल पहुंचे और सघन जांच के निर्देश दिए। फिंगरप्रिंट टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर जांच शुरू कर दी गई है।
एसपी मेहता ने सख्त लहजे में कहा,
> “आस्था के खिलाफ अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को जल्द ही कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।”
लापरवाही पर गिरी गाज, चार पुलिसकर्मी निलंबित
मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था में चूक और पेट्रोलिंग में लापरवाही के आरोप में सदर थाना के पेट्रोलिंग पार्टी संख्या-2 में तैनात एक पदाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पहले भी हो चुकी है चोरी, CCTV बना मूकदर्शक
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके CCTV की व्यवस्था और गश्त की सख्ती नहीं बढ़ाई गई। इस बार भी CCTV फुटेज कोई सुराग नहीं दे पा रहा है।
समिति में आक्रोश, जनता में रोष
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष शिबू परशुराम ने कहा—
> “यह केवल चोरी नहीं है, यह श्रद्धा से खिलवाड़ है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
स्थानीय लोगों में भी गुस्सा है। उनका कहना है कि जब मंदिर सुरक्षित नहीं तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
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अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर हैं।
क्या इस बार पुलिस चोरों तक पहुंचेगी या फिर यह मामला भी ‘ढाक के तीन पात’
बनकर रह जाएगा—यह आने वाला वक्त बताएगा।