धनबाद में लाल खून का काला धंधा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिविल सर्जन ने खुद किया बड़ा खुलासा
गरीबों से लिया जा रहा खून, निजी अस्पतालों को बेचा जा रहा!
धनबाद : अब तक आपने सुना था कि अंगों की तस्करी होती है, लेकिन धनबाद में खून का धंधा भी सामने आया है। खुद सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है।
सिविल सर्जन का दावा है कि शहर में हर दो-तीन दिन पर हो रहे रक्तदान शिविरों के पीछे एक बड़ा खेल चल रहा है।
इन शिविरों में गरीबों से खून लिया जा रहा है और फिर उसे निजी अस्पतालों को बेचा जा रहा है।
बिना अनुमति के लग रहे ये शिविर अब सख्त कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
अब हर रक्तदान शिविर के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सिविल सर्जन ने बताया कि—
कुछ आयोजक डोनेशन के नाम पर गरीबों से खून ले रहे हैं
जरूरतमंद डोनर जब खुद बीमार होते हैं, तो उन्हें वही खून पैसे देकर खरीदना पड़ता है
सरकारी अस्पतालों में एक्सचेंज आधार पर मुफ्त खून उपलब्ध है
जल्द ही सदर अस्पताल में ब्लड स्क्रीनिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी
अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य के नाम पर इस तरह की कालाबाजारी कब तक चलेगी?
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अब एक्शन मोड में आना होगा!