धनबाद कोयलांचल में ‘द होल थिंग इज दैट’ के बल पर फल-फूल रहा अवैध लॉटरी कारोबार

धनबाद कोयलांचल में ‘द होल थिंग इज दैट’ के बल पर फल-फूल रहा अवैध लॉटरी कारोबार, युवाओं और मजदूरों को बनाया जा रहा निशाना

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धनबाद, झारखंड | Prime News 24 डेस्क

धनबाद का बाघमारा अनुमंडल क्षेत्र एक बार फिर अवैध लॉटरी कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। प्रशासन की तमाम कोशिशों और कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद यह गोरखधंधा “विटामिन एम” यानी पैसे की ताकत के सहारे तेज़ी से फल-फूल रहा है।

गौरतलब है कि झारखंड में लॉटरी पर कानूनी रूप से प्रतिबंध है। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों की लॉटरी टिकटें यहां खुलेआम बेची जा रही हैं। खास बात यह है कि यह कारोबार गांव-टोले तक अपनी जड़ें जमा चुका है।

बाघमारा, बरोरा, कतरास, सोनारडीह और तेतुलमारी जैसे इलाकों में तड़के सुबह गुपचुप तरीके से लॉटरी टिकटों की बिक्री होती है। इनाम के लालच में गरीब, मजदूर और युवा वर्ग अपनी मेहनत की कमाई को दांव पर लगा रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लॉटरी एजेंट अब गांवों और मोहल्लों में गहराई से पैठ बना चुके हैं। ये एजेंट गरीब तबके के लोगों को करोड़पति बनने का सपना दिखाकर इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा बना रहे हैं।

प्रशासन बेबस या मिलीभगत?

पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर छापेमारी और कार्रवाई जरूर की जाती है, लेकिन मुख्य सरगना आज भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। लोगों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कुछ प्रभावशाली लोग इस कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं।

समाज पर असर

इस अवैध लॉटरी कारोबार का सीधा असर समाज के निचले तबके पर पड़ रहा है। जहां एक ओर मेहनतकश मजदूर अपने बच्चों की पढ़ाई और घर चलाने के बजाय लॉटरी में पैसा गंवा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह अवैध मुनाफाखोरी असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रही है।

Prime News 24 इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द ही लॉटरी माफियाओं की पूरी पोल खोलने वाली ग्राउंड रिपोर्ट आपके सामने लाएगा।

अगर आपके पास इस मामले से जुड़ी कोई सूचना है, तो आप हमें बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

 

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