देवघर: 25 साल का नौजवान, जिसे लोग मुस्कान और मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान से पहचानते थे,साइबर ठगी के शक में देवघर की पालाजोरी पुलिस बुधवार को उठा ले गई। लोगों ने कहा, “वो तो सीधा-साधा लड़का था, उसकी आंखों में कोई चाल नहीं थी, बस हालात बुरे थे। “लेकिन जब शाम ढली, तो गांव में पुलिस नहीं, खबर आई, “मेराज अब नहीं रहा।” 8 से 10 घंटे की पूछताछ में मेराज की तबीयत अचानक बहुत बिगड़ गई। पर घरवाले चीखते हैं, “जब ले गये थे तो ठीक था, फिर इतनी देर में क्या हुआ?” गांव वालों का इल्जाम है कि पुलिस टार्चर से मेराज की जान चली गई। मेराज की पुलिस कस्टडी में मौत की फैली खबर के बाद लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। गांव वालों ने थाने को घेर लिया। औरतों की आंखें जल रही थीं, मर्दों की मुट्ठियां तनी थीं, और बच्चे डरे सहमे गेट के पास बैठे थे। पूर्व सांसद फुरकान अंसारी आये और गरम लहजे में बोले “अगर पुलिस कानून से ऊपर हो जायेगी, तो संविधान का क्या होगा?” वहीं, पुलिस खुद को बेगुनाह बता रही है। मेराज की मौत के बाद से उसकी मां और बहन की हालत बहुत खराब है।
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