झारखंड में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का बड़ा खुलासा, दो कर्मचारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, मुस्लिमों और ट्रांसजेंडर्स के नाम पर भी हुआ खेला

झारखंड फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। डीसी के आदेश पर दर्ज FIR के बाद अब पंचायत सचिव और बीएलई को गिरफ्तार किया गया है। मामला झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया का है। जहां फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की है।आरोपित मटियाबांधी पंचायत के पंचायत सचिव सुनील महतो एवं वीएल‌ई (कंप्यूटर आपरेटर) सपन महतो को हिरासत में ले लिया है। आरोप है कि मुसलमानों के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक जमशेदपुर के अलावा धनबाद, बोकारो एवं गुमला जैसे शहरों में रहने वाले लोगों के भी मटियाबांधी पंचायत से जन्म प्रमाण पत्र हासिल करने की बात सामने आ रही है।चाकुलिया बीडीओ आरती मुंडा ने फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर FIR का आवेदन दिया था। जिसके बाद देर रात दोनों आरोपियों को उनके घर से पुलिस ने उठा लिया। फिलहाल उनसे फर्जीवाड़ा को लेकर पूछताछ की जा रही हैं ।

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जानकारी के मुताबिक मटियाबांधी पंचायत में वर्ष 2024- 25 में साल भर के भीतर सारे नियम कायदों को तक पर रखकर 4400 से अधिक जन्म प्रमाण पत्र निर्गत हुए हैं। अब तक हुई जांच के मुताबिक इनमें से करीब 4000 जन्म प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से निर्गत किए गए हैं।

शिकायत के मुताबिक जिस पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, वहां भी 700 से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रमाण पत्र निकाले गए हैं। इसके अलावा 11 ट्रांसजेंडर का भी जन्म प्रमाण पत्र यहां से निर्गत हुआ है जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां एक भी ट्रांसजेंडर नहीं रहता।

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