झारखंड : इनकाउंटर के डर से थर-थर कांप रहे हैं नक्सली, 1 करोड़ के इनामी नक्सली के ढेर होने के बाद तीन ईनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर

 

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झारखंड में आपरेशंस के डर से अब नक्सली थर-थर कांप रहे हैं। खासकर बोकारो में जब से 1 करोड़ का ईनामी नक्सली विवेक ऊर्फ प्रयाग मांझी को जवानों ने मार गिराया है, तब से तो नक्सली और भी खौफ में जी रहे हैं। नक्सलियों को अब अपनी जान का डर सता रहा है। इसी डर के बीच अब नक्सलियों ने सरेंडर करना शुरू कर दिया है।लातेहार में इसका बड़ा असर दिखा, जहां तीन ईनामी नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया। तीनों पर 1-1 लाख रुपये का ईनाम था। जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, उनके नाम हैं पलेंद्र भोक्ता, प्रमोद गंझू और तुलसी गंझू। ये तीनों नक्सली लंबे समय तक लातेहार जिले के बालूमाथ इलाके में सक्रिय थे। ये तीनों लक्ष्मीपुर गांव के रहने वाले हैं।

नक्सलियों ने लातेहार एसपी कुमार गौरव के सामने आत्मसमर्पण किया। जिसके बाद पुलिस की तरफ से सभी नक्सलियों को सरकार की सरेंडर पॉलिसी की तहत लाभ दिया गया। इस आत्मसमर्पण के बाद लातेहार एसपी ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की है कि वो हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें।

जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, उन सभी पर कई मामलों में अपराध दर्ज है। इन्होंने नक्सलियों की बटालियन के साथ कई बड़ी वारदात को भी अंजाम दिया था। तीनों नक्सली पहले टीएसपीसी नक्सली संगठन के साथ जुड़े हुए थे। परंतु बाद में तीनों टीएसपीसी नक्सली संगठन को छोड़कर जेजेएमपी नक्सली संगठन के साथ जुड़ गए. सरकार ने तीनों के ऊपर 1 लाख रुपए इनाम भी घोषित किया।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार देश को नक्सल मुक्त करने के लिए पूरी मजबूती से जुटी हुई है। मार्च 2026 तक का मियाद रखा गया है। गृहमंत्री अमित शाह कई मंचों से दोहरा चुके हैं कि अगले तक नक्सलियों का पुरी तरह से सफाया कर दिया जायेगा। छत्तीसगढ़ में लगातार आपरेशंस चल रहे हैं।

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