आर्थिक तंगी और प्रशासनिक अनदेखी के कारण गिरिडीह जिले की करगाली पंचायत में एक छह वर्षीया बच्ची ने दम तोड़ दिया. बे-मौसम बारिश में कच्चे मकान में रहने वाली बच्ची फर्श पर सोयी थी. ठंड लगने से जहां बेटी की मौत हो गयी. वहीं बेटी की मौत के गम में पिता भी बीमार पड़ गये हैं. बच्ची के मौत के बाद प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हुआ. इसके बाद उसके बीमार पिता का उपचार शुरू कराया गया. साथ ही परिवार के सदस्यों को आर्थिक मदद भी दी गयी.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के अनुसार धनवार प्रखंड के पंचायत करगाली के गांव निवासी अनिल उर्फ चरकू सिंह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी कर दो बेटियों समेत चार सदस्यों का भरण पोषण करता रहा है. इस परिवार को अब तक राशन कार्ड और आवास योजना का लाभ नहीं मिल है. मंईयां सम्मान योजना से भी वंचित है. पिछले तीन दिनों के लगातार बारिश में इनका जर्जर कच्चा मकान और क्षतिग्रस्त हो गया.
अनिल सिंह की पत्नी करिश्मा देवी ने बताया कि उसकी छह वर्षीया छोटी बेटी घर में ही भीग गयी और गरीबी यह कि खटिया भी नहीं था, इसलिए पूरा परिवार जमीन पर ही सोया था. बच्ची की ठंड से कब मौत हो गयी इसका पता उन्हें सुबह हुई जब बच्ची बिस्तर से नहीं उठी. बताया कि स्थानीय मुखिया आवास के लिए एक बार फोटो खींचकर के ले गये थे. राशन कार्ड के अभाव में उनके परिवार के सामने भुखमरी की समस्या है. यह घटना ना सिर्फ दिल दहलाने वाला है, बल्कि राज्य से लेकर केंद्र की सरकार के तमाम बड़े-बड़े दावों और स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की घोर संवेदनहीनता और लापरवाही को बयान करता है.