धनबाद: रणधीर वर्मा चौक पर सांसद का पूतला दहन करने वाले चंद कुछ और बंगाली है जिनका बांग्ला भाषा भाषी उन्नयन समिति से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि निरसा गोपीनाथपुर में एक सभा में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने खुले मंच में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को बांग्लादेशी कहकर तथा उनके पिताजी स्वर्गीय गुरदास चटर्जी के विषय में अभद्र टिप्पणी कि थी। कड़ी शब्दों मे उनके गलत बयानबाजी का विरोध किया गया। इस मामले में झारखंड बांग्ला भाषा भाषी उन्नयन समिति के बेंगू ठाकुर से पूछने पर उनका कहना था कि सांसद से हमारी आपत्ति नहीं क्यों कि वह तो अभी सांसद बने हैं। हमारा विरोध विधायक अरूप से है। क्योंकि खुद बंगाली होकर भी कभी बांगला भाषा भाषी के लिए अपने स्तर से कुछ नहीं किया । इधर पूतला दहन करने वालों का नेतृत्व अपने को झारखंड बांग्ला भाषा भाषी उन्नयन समिति का जिला अध्यक्ष कहने वाला सम्राट चौधरी कर रहें थें। कार्यक्रम में जिला सचिव राणा चट्टराज, पूर्व मुखिया गोपाल दास, कल्याण भट्टाचार्य, सूसोभन चक्रवर्ती, कल्याण घोषाल, कल्याण राय, राजू प्रमाणिक, जयदीप बनर्जी, कल्याण चक्रवर्ती, विजय पासवान, सुरजीत चंद्रा,असीम दे, देवाशीष पांडे, शीतल दत्त, अमित बनर्जी, काशीनाथ मंडल, भूषण महतो, दिनेश मंडल, अमिताभ बैनर्जी, रघुनाथ राय,बापी आचार्य,भूटान सिंह, कृष्ण दा, दिनेश सूत्रधर, किरण मंडल, सुबोध मंडल, गणेश मंडल, स्वपन दास आदि लोग शामिल थें। विदित हो कि झारखंड बांग्ला भाषा भाषी उन्नयन समिति का विवाद वैसे तो पूर्व से हीं चल रहा है। लेकिन अब यह विवाद सड़क पर आने लगा है। क्या समिति का एक गुट संबंधित मामले सांसद के पक्ष में है तो दूसरा गुट क्या विरोध में है ? क्योंकि विरोध करने वाले भी कथित रूप से झारखंड बांग्ला भाषा भाषी उन्नयन समिति का हीं दूसरा गुट है।
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