कैसे हुआ जयपुर गैस टैंकर हादसा, 14 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन; जांच के लिए SIT गठित
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जयपुर :राजस्थान में जयपुर-अजमेर हाईवे पर 20 दिसंबर की सुबह भांकरोटा में हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. एलपीजी टैंकर ब्लास्ट के बाद आग ने विकराल रूप लेते हुए हाईवे पर कई वाहन को चपेट में लिया और पूरी तरह से जल गए. भीषण आग ने वाहनों में बैठे लोगों को उतरने का मौका तक नहीं दिया और इस तरह से कुल 14 लोगों की मौत हो गई. वहीं, 44 लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. फिलहाल यह हादसा कैसे हुआ और एक दर्जन से अधिक मौत का जिम्मेदार कौन है. इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन हो गया है।
एसआईटी में ये पुलिस अधिकारी शामिल
जयपुर के पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ की तरफ से शनिवार को एसआईटी का गठन करते हुए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. जांच कमेटी में एडिशनल डीसीपी आलोक सिंगल, एसीपी हेमंत शर्मा, एसीपी राजेंद्र रावत, एसएचओ मनीष गुप्ता, एसएचओ किरण सिंह को शामिल किया गया है. इससे पहले शुक्रवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की एक टीम भी घटना की जांच करने के लिए मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
2 बस समेत 35 वाहन जले
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शुक्रवार की तड़के 5-6 बजे के बीच हुआ. जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भांकरोटा के पास एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट हुआ और गैस चारों तरफ फैल गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वहां से गुजर रही बस सहित अनेक ट्रक, कार आग की चपेट में आ गए. प्रारंभिक जानकारी में कम से कम 35 वाहनों के जलने की सूचना है, जिनमें 29 ट्रक और दो बस सहित अन्य गाड़ियां शामिल हैं।
पाइप बनाने की फैक्ट्री तबाह
यह हादसा इतना भयंकर था कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पाइप बनाने वाली एक फैक्टरी भी तबाह हो गई और पाइप पिघल गए हैं. हादसे में राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई. एक स्कूल वैन चालक ने बताया कि आग की लपटें एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं और वहां अफरातफरी मची हुई थी….
पुलिस कमिश्नर ने बताई हादसे की वजह
जयपुर के पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, हाईवे पर एलपीजी टैंकर से एक ट्रक टकरा गया. इससे टैंकर के पीछे का नोजल टूट गई और गैस लीक हो गई, जिससे भीषण आग लग गई. उन्होंने कहा, ‘‘टैंकर के पीछे के वाहनों में आग लग गई. दूसरे ओर से आ रहे अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आ गए. अचानक हुई घटना के कारण वाहन आपस में टकरा गए.” जोसेफ ने कहा, ‘‘गैस लीक होने के कारण इलाका ‘‘गैस चैंबर” जैसा बन गया. आग बहुत तेजी से फैल गई, जिससे वाहनों के अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।