JSSC CGL : छात्र करेंगे कार्यालय का घेराव, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात, की गयी बैरिकेडिं

  • – हाई सेक्योरिटी जोन में तब्दील हुआ JSSC कार्यालय
  • – छात्रों के जुटान को लेकर रांची प्रशासन अलर्ट
  • – JSSC कार्यालय के बाहर फायर ब्रिगेड, वाटर कैनन, वज्र वाहन तैनात
  • – वीडियोग्राफी और ड्रोन के जरिये रखी जा रही है निगरानी
  • – JSSC कार्यालय जाने वाले हर रास्ते को कर दिया गया सील

रांची :  जेएसएससी सीजीएल में “कथित पेपर लीक” का मामला थमता नहीं दिख रहा है. इसको लेकर आज रविवार को रांची में विभिन्न जिलों के अभ्यर्थी जुटने वाले हैं. छात्र रांची के नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय का घेराव और विरोध-प्रदर्शन करेंगे. छात्रों के कार्यालय घेराव को लेकर JSSC कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था चकचौबंद कर दी गयी है. रांची जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है. पूरे मैदान में बैरिकेडिंग कर दी गयी है. वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर करीब 2500 जवानों और अधिकारी मौके पर तैनाती हैं. साथ ही जेएसएससी कार्यालय जाने वाले मार्ग में दो लेयर की सुरक्षा की गयी है. इसके अलावा अग्निशमन, वाटर कैनन और वज्र वाहन भी तैनात हैं. जेएसएससी कार्यालय के बाहर पुलिस प्रशासन के लिए टेंट और पूरे मैदान में बैरिकेडिंग की गयी है. जेएसएससी कार्यालय परिसर की ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है. सभी मूवमेंट की वीडियोग्राफी भी की जा रही है. बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन ने जेएसएससी सीजीएल में “कथित पेपर लीक” मामले की जांच सीआईडी को सौंपी है.

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जनवरी में हुए सीजीएल के विरोध-प्रदर्शन के समय जेएसएससी कार्यालय का टूटा हुआ शिशा अब तक नहीं बदला गया

20 दिसंबर तक JSSC कार्यालय और सदाबहार चौक के 500 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू

वहीं शनिवार को डीआईजी ने अनूप बिरथरे ने नामकुम स्थित आयोग के कार्यालय जाकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को जरूरी निर्देश दिये. जेएसएससी कार्यालय के 100 मीटर पहले से ही आवाजाही बंद कर दी गयी है. यहां दो लेयर की बैरिकेडिंग की गयी है. वहीं जेएसएससी कार्यालय और सदाबहार चौक के 500 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गयी है, जो 20 दिसंबर तक रहेगी.

JSSC ने सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी व पेपर लीक के आरोपों को निराधार बताया

इस बीच आयोग ने भी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पेपर लीक के सभी आरोपों को निराधार बताया. आयोग के सचिव ने कहा कि 21 और 22 सितंबर को आयोजित परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है. परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 2231 अभ्यर्थियों में 2145 झारखंड के निवासी हैं और उनमें से 83 फीसदी अभ्यर्थी आरक्षित वर्ग के हैं.

जाने क्यों विरोध कर रहे हैं छात्र

झारखंड कर्मचारी आयोग ने 21 और 22 सितंबर 2024 को जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा आयोजित की थी. छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दिन इंटरनेट बंद कर पेपर लीक कराया गया है और बेचा गया है. वहीं आयोग इस तरह के सभी आरोपों से इनकार करता आ रहा है. चुनाव खत्म हो जाने के बाद आयोग ने परीक्षा के शॉर्टलिस्टेड छात्रों की लिस्ट जारी कर दी है और उन्हें डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए 16 दिसंबर से बुलाया है. बता दें इससे पहले भी जनवरी में जेएसएसी सीजीएल की परीक्षा ली गयी थी, जिसमें पेपर लीक हो गया था. इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गयी थी।

 

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