मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर स्थित स्वाति कोल कास्ट फैक्ट्री में गुरुवार काे एक मजदूर की मौत हो गयी. कर्मी की पहचान नगर थाना क्षेत्र के चिरइयांघाट निवासी नारायण राम के 40 वर्षीय पुत्र रंजन राम के रूप में की गयी.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गिरिडीह सदर अस्पताल के गेट के पास संदिग्ध अवस्था में खड़े एक चारपहिया वाहन की जांच के दौरान कर्मी का शव बंद बोरे में मिला. वाहन पर कोई मौजूद नहीं था. छानबीन में पुलिस ने शव की शिनाख्त की. फैक्ट्री के अधिकारियों व पुलिस ने बताया कि शव क्षत-विक्षत होने की वजह से उसे बोरे में भरकर लाया गया था. हालांकि परिजन इसे मानने को तैयार नहीं थे. उनका सवाल था कि फैक्ट्री के अधिकारियों ने पुलिस और परिजन को दुर्घटना के बारे में सूचना क्यों नहीं दी. बिना सूचना दिये बोरे में भरकर रंजन राम का शव ले जाना अपने आप में मामले को संदिग्ध बनाता है. शव मिलने पर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद ने कहा कि फैक्ट्री में काम के दौरान दुर्घटनावश रंजन राम मशीन की चपेट में आ गया था. इससे उसका शव क्षत-विक्षत हो गया. शव समेटकर अस्पताल लाने के लिए बोरे में भरा गया था. उधर, पुलिस की सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने वहां जमकर हंगामा किया. परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री में सेफ्टी के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है.
लोगों ने मजदूर की मौत को बताया संदिग्ध
फैक्ट्री के अधिकारी व पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है. जबकि लोगों का कहना है कि मजदूर की मौत का कारण संदिग्ध लग रहा है. क्योंकि पुलिस को या मृतक के परिजन को मजदूर के मौत होने की सूचना फैक्ट्री के अधिकारियों ने नहीं दी थी. पुलिस ने खुद ही एक वाहन को संदिग्ध हाल में देखकर जब उसकी जांच की तो उसमें बोरे में भरा हुआ मजदूर का शव मिला. इसके बाद शिनाख्त करने के पश्चात पुलिस ने ही मृतक के परिजन को मामले की सूचना दी.
नगर थाना की पुलिस ने बताया की गुरुवार की सुबह सूचना मिली की सदर अस्पताल के बाहर एक चारपहिया वाहन काफी देर से खड़ा है. इसके बाद पुलिस ने वाहन की जांच की तो पता चला की उसके अंदर एक बोराे में किसी का शव था. वाहन चालक का कोई अता-पता नहीं था. इसके बाद पुलिस वाहन को लेकर सदर अस्पताल के अंदर गयी. शव के शिनाख्त में जुटी पुलिस को पता चला कि मृतक नगर थाना क्षेत्र के चिरइयांघाट निवासी नारायण राम का 40 वर्षीय पुत्र रंजन राम है. वह स्वाति कोल कास्ट फैक्ट्री में मजदूरी करता था. इसके बाद पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजन को दी. घटना की सूचना पाकर मृतक के परिजन भी सदर अस्पताल पहुंचे. मृतक के छोटे भाई रणजीत राम ने बताया की रंजन राम करीब 10 साल से स्वाति कोल कास्ट फैक्ट्री में बतौर मिक्सर मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहे थे. बताया कि बीते बुधवार को फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे.
पुलिस की सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे परिजन ने किया हंगामा
पुलिस की सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया. आरोप लगाते हुए कहा कि इन फैक्टरियों में सेफ्टी के लिए कुछ भी उपलब्ध नहीं करवाया जाता है. फैक्ट्री प्रबंधक को इनकी सेफ्टी से कोई मतलब नहीं होता है उन्हें बस सिर्फ अपना काम करवाना आता है. अंतिम में फैक्ट्री प्रबंधक से वार्ता के बाद परिजनों ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया और शव को घर लेकर चले गए. इस दौरान अस्पताल में मजदूर संगठन मोर्चा के सचिव कन्हाई पांडेय, अध्यक्ष किशोर राय, नवीन पांडेय, सुनील ठाकुर, टिंकू साव, मदसूदन कोल, दीपक गोस्वामी, भाकपा माले के राजेश सिन्हा, जेएमएम नेता अजीत कुमार पप्पू, रामजी यादव समेत आदि लोग मौजूद रहे.