धनबाद – एक महिला ने भूली ओपी के एक मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला ने धनबाद एसएसपी को पत्र लिखकर अपने साथ हुए अन्याय और जांच में हुई अनियमितताओं का विवरण दिया है।
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मामले का विवरण
पीड़िता ने बताया कि सलमान गद्दी उर्फ राजा गद्दी ने उन्हें विवाह का झांसा देकर लंबे समय तक उनका शोषण किया। इस दौरान उनके साथ बलात्कार जैसी घृणित घटनाएं हुईं, जिसने उनकी जिंदगी को तहस-नहस कर दिया। घटना के बाद, वह पूरी तरह टूट चुकी थीं और उन्होंने जीने की उम्मीद तक छोड़ दी थी।
उनके पिता ने उन्हें हिम्मत दी, जिसके बाद उन्होंने भूली ओपी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर संख्या-176/2024, धारा 64(1) और 69 भा०द०सं० के तहत मामला दर्ज किया और जांच का भार विवेक चौरसिया को सौंपा।
अनुसंधान में अनियमितताएं
पीड़िता ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बरती।
फोरेंसिक जांच की उपेक्षा: घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम को नहीं बुलाया गया, जो जांच प्रक्रिया में एक बड़ी चूक है।
सबूतों की अनदेखी: पीड़िता द्वारा जमा कराई गई चिकित्सा रिपोर्ट (अल्ट्रासाउंड आदि) को आरोप पत्र में शामिल नहीं किया गया।
भ्रामक केस डायरी: केस डायरी के पारा संख्या-9 में झूठा उल्लेख किया गया कि पीड़िता ने “बेड की चादर बदल दी और साफ कर दी,” जबकि पीड़िता का कहना है कि उनसे ऐसा कोई बयान नहीं लिया गया और न ही उनसे चादर मांगी गई।
आनन-फानन में आरोप पत्र: बिना पर्याप्त सबूत और पीड़िता की जानकारी के, जांच अधिकारी ने 29.10.2024 को आरोप पत्र संख्या-178/24 के तहत माननीय न्यायालय में रिपोर्ट जमा कर दी।
अभियुक्त की स्थिति
सलमान गद्दी ने घटना के बाद माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और वह वर्तमान में धनबाद जेल में रिमांड पर है। बावजूद इसके, पीड़िता का कहना है कि अभियुक्त और जांच अधिकारी के बीच मिलीभगत से केस को कमजोर किया जा रहा है।
पीड़िता की अपील
पीड़िता ने धनबाद एसएसपी से निवेदन किया है कि:
मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
चिकित्सा रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को पुनः शामिल किया जाए।
फोरेंसिक टीम को जांच में शामिल कर साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाए।
जांच अधिकारी की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
न्याय की उम्मीद
पीड़िता ने कहा कि वह न्याय पाने की उम्मीद में अपने जीवन की इस कठिन लड़ाई को लड़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके।
समाज की प्रतिक्रिया
इस घटना ने धनबाद में समाज के विभिन्न वर्गों का ध्यान खींचा है। लोग पीड़िता के साथ खड़े होते हुए प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
यह मामला न केवल न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके प्रति समाज की संवेदनशीलता पर भी चिंतन की आवश्यकता जताता है।